10 दिन बाद जेल से वापस आए राजपाल यादव, बाहर आने के लिए एक्टर ने पूरी की 2 शर्तें

Rajpal Yadav Bail : एक्टर राजपाल यादव से जुड़े 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में 12 फरवरी को सुनवाई हुई थी, जिसकी सुनवाई में केवल एक पक्ष की बातें सुनी गई और नई तारीख तय की गई. इसके साथ ही आज 16 फरवरी 2026 को उनकी जमानत याचिका पर फिर से सुनवाई हुई. ऐसे में अदालत ने राजपाल यादव को निर्देश दिया कि वे शिकायतकर्ता के खाते में 1.5 करोड़ रुपये जमा कराएं. अदालत के इस आदेश के बाद अभिनेता ने 3 बजे से पहले ही राशि जमा करा दी, जिसके बाद उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई. इतना ही नही बल्कि अदालत ने उनके लिए कई शर्तें भी तय की हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है.

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को 18 मार्च तक अंतरिम जमानत दे दी है. साथ ही आदेशानुसार 1.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए गए हैं जो कि अदालत की जानकारी में है और इसी के बाद हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम बेल मंजूर की. इसके साथ ही अदालत ने ये भी निर्देश दिया कि राजपाल यादव अपना पासपोर्ट सरेंडर करें. बता दें कि अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी, जिसमें उन्हें या तो फिजिकली या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित होना आवश्यक है.

अदालत ने अभिनेता को दिए आदेश

ऐसे में अदालती रिकॉर्ड के अनुसार अभिनेता ने अपनी फिल्म के निर्माण के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. लेकिन यह फिल्‍म न चल पाने के कारण ऋण समय पर चुकाया नहीं जा सका, जिसके बाद कर्ज देने वाले पक्ष ने कानूनी कार्रवाई शुरू की. इसके पहले भी इस माले को लेकर कई बार सुनवाई हो चुकी थी. जिनमें अदालत ने बार-बार बकाया राशि का भुगतान करने और आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. लेकिन भुगतान निर्धारित समयसीमा में न होने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया. इसी मामले में अदालत ने 6 फरवरी 2026 को उन्हें दोबारा तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया था.

जानिए पूरा मामला

बता दें कि अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी परेशानियों की शुरुआत साल 2010 से मानी जाती है. उसी समय उन्होंने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ (2012) के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. लेकिन उम्‍मीद के मुताबिक फिल्म बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन नहीं कर पाई, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक झटका लगा. इसके साथ ही इस फिल्‍म के असफल होने का कारण उनके कर्ज चुकाने की क्षमता पर पड़ा और यहीं से मामला धीरे-धीरे कानूनी विवाद में बदल गया.

अभिनेता की बढ़ी कानूनी मुश्किलें

इस मामले को लेकर कहा जा रहा है कि शिकायतकर्ता को दिए गए सात चेक बाउंस हो गए और इसी के बाद मामला अदालत तक पहुंचा. साथ ही अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट अदालत ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी करार दिया और उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई. जिससे अभिनेता की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गईं और उन्‍होंने दिल्ली हाई कोर्ट में रिवीजन याचिका दायर की, लेकिन वहां से उन्हें केवल सीमित राहत ही मिल सकी.

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