टाइगर श्रॉफ पर हमले में यूपी कनेक्शन! राधा-बबीता ने ट्रेन से पहुंचाई थी पिस्टल, फायरिंग केस में 4 गिरफ्तार

Divya Rai
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Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस हथियारों की सप्लाई करने वाले कथित नेटवर्क तक पहुंच गई है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में उत्तर प्रदेश की दो महिलाओं, राधा और बबीता समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों महिलाओं ने ट्रेन के जरिए पिस्तौल मुंबई पहुंचाई थी. गिरफ्तार किए गए अन्य दो आरोपी हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव रोहणा के रहने वाले कुणाल और सुमित हैं.

पुलिस अब चारों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार कहां से आए, उन्हें मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी किसने सौंपी और फायरिंग की घटना से उनका क्या संबंध था. इस बीच, हरियाणा में गिरफ्तार आरोपियों के परिवारों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. कुणाल की दादी ने उसके पुराने व्यवहार का जिक्र किया, जबकि सुमित के परिजनों ने उसे निर्दोष बताते हुए रिहाई की गुहार लगाई है.

ट्रेन से मुंबई पहुंचाई गई थी पिस्तौल Tiger Shroff Firing Case

टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी (Tiger Shroff Firing Case) के मामले की जांच के दौरान पुलिस हथियारों की सप्लाई से जुड़ी कड़ियों को खंगाल रही है. इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश की रहने वाली राधा और बबीता को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाओं की भूमिका कथित तौर पर हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में थी. आरोप है कि उन्होंने ट्रेन के माध्यम से पिस्तौल मुंबई पहुंचाई थी.

हालांकि, हथियार किससे मिले थे और उन्हें किसके निर्देश पर ले जाया गया था, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी. इस मामले में सोनीपत के गांव रोहणा के रहने वाले कुणाल और सुमित को भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस चारों से पूछताछ कर हथियारों की सप्लाई के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.

कुणाल की दादी ने बताया, पहले भी जेल जा चुका है पोता

कुणाल की गिरफ्तारी के बाद उसके परिवार से जुड़ी कई जानकारियां सामने आई हैं. परिवार के मुताबिक, कुणाल एक होटल में नौकरी करता था और उसने दसवीं तक पढ़ाई की थी. उसके माता-पिता एक निजी कंपनी में काम करते हैं. कुणाल की दादी माया ने बताया कि वह उसे बार-बार समझाती थीं, लेकिन वह उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेता था. उन्होंने दावा किया कि कुणाल पहले भी दोस्तों के साथ पानीपत जाकर एक आपराधिक वारदात में शामिल हुआ था और उस मामले में जेल भी जा चुका था.

परिवार के अनुसार, जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कुणाल को अपने साथ ले जाने पहुंची, तो उसे बताया गया था कि पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा है. परिजनों ने यह भी बताया कि कुणाल के सिर पर चोट लगी हुई थी. हालांकि, उसे चोट कैसे लगी, इस बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.

सुमित के परिवार का दावा, बेटे का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं

मामले में गिरफ्तार दूसरे युवक सुमित के परिवार ने उसकी संलिप्तता पर सवाल उठाए हैं. परिजनों का दावा है कि सुमित को कुणाल उर्फ भोला अपने साथ ले गया था और उनका बेटा इस मामले में शामिल नहीं है. हालांकि, परिवार के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. परिजनों के मुताबिक, सुमित ने नौवीं कक्षा तक पढ़ाई की है और पिछले करीब तीन वर्षों से कपड़ों की एक दुकान पर काम कर रहा था. बताया गया है कि इसी दुकान पर काम करने के दौरान उसकी कुणाल से जान-पहचान हुई थी. सुमित के परिवार ने नितिन नाम के एक अन्य व्यक्ति का भी जिक्र किया है. उनका आरोप है कि नितिन ने ही सुमित की मुलाकात कुणाल से करवाई थी. इन आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है.

पूछताछ के नाम पर ले गई पुलिस, बाद में मुंबई बुलाया गया

सुमित की मां आशा के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीम उनके घर आई थी और उनके बेटे को पूछताछ के लिए साथ ले गई थी. परिवार का कहना है कि बाद में पुलिस की ओर से फोन आया और उन्हें मुंबई आकर सुमित की जमानत कराने के लिए कहा गया. आशा ने बताया कि उनके बेटे ने घर पर खाटू श्याम जाने की बात कही थी. वह नितिन के साथ वहां गया भी था, लेकिन अगले ही दिन वापस लौट आया था. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है.

सुमित के पिता ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करते हैं और परिवार किराए के मकान में रहता है. परिजनों का कहना है कि उनके पास मुंबई तक जाने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं हैं. सुमित की मां ने प्रशासन से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि उनका बेटा निर्दोष है, तो उसे रिहा किया जाए.

हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क कितनी दूर तक फैला है. जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि पिस्तौल कहां से हासिल की गई, उसे मुंबई भेजने की योजना किसने बनाई और गिरफ्तार आरोपियों में से प्रत्येक की क्या भूमिका थी. फिलहाल, मामले में गिरफ्तार लोगों पर लगे आरोपों की जांच जारी है. कुणाल और सुमित के परिवारों ने अपने-अपने पक्ष रखे हैं, लेकिन आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े सभी सवालों का अंतिम जवाब पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.

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