AC se bahar aate hi saans phoolna: गर्मियों में एयर कंडीशनर (AC) तपती गर्मी से राहत देता है, लेकिन कुछ लोगों को ठंडे कमरे से बाहर निकलते ही सांस फूलने या सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगती है. कई बार लोग इसे अचानक गर्मी लगने का सामान्य असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि, अगर यह समस्या बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसके पीछे अस्थमा, एलर्जी, फेफड़ों या दिल से जुड़ी समस्या हो सकती है.
विशेषज्ञों के अनुसार, AC के ठंडे वातावरण से अचानक गर्म और उमस भरे माहौल में पहुंचने पर शरीर को बदले हुए तापमान के अनुसार खुद को ढालने में कुछ समय लग सकता है. इस दौरान सांस लेने की गति तेज महसूस हो सकती है. लेकिन हर बार ऐसा होना या परेशानी का लगातार बने रहना स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकता है.
अचानक तापमान बदलने से क्यों फूल सकती है सांस?
ठंडे कमरे और बाहर के गर्म वातावरण के बीच तापमान में बड़ा अंतर होने पर शरीर को अचानक बदलाव का सामना करना पड़ता है. ऐसे में शरीर को नए तापमान के अनुसार अनुकूलित होने में समय लगता है और कुछ लोगों को सांस तेज चलने जैसी परेशानी महसूस हो सकती है. अगर बाहर आने के कुछ समय बाद स्थिति सामान्य हो जाती है, तो यह तापमान में अचानक बदलाव से जुड़ी हो सकती है. हालांकि, बार-बार सांस फूलना या लंबे समय तक राहत न मिलना नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
अस्थमा के मरीजों को हो सकती है ज्यादा परेशानी
अस्थमा से जूझ रहे लोगों में ठंडी हवा श्वास नलिकाओं को संकुचित कर सकती है. इससे सांस लेने में कठिनाई महसूस हो सकती है. AC वाले ठंडे कमरे से बाहर निकलने पर वातावरण में अचानक बदलाव परेशानी को और बढ़ा सकता है. ऐसे लोगों में सांस फूलने के साथ खांसी या सीने में जकड़न जैसी शिकायत भी दिखाई दे सकती है. बार-बार ऐसे लक्षण महसूस होने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है.
धूल, परागकण और प्रदूषण से एलर्जी भी हो सकती है वजह
जिन लोगों को धूल, परागकण या प्रदूषण से एलर्जी है, उन्हें AC से बाहर आते ही परेशानी महसूस हो सकती है. बाहर के वातावरण में मौजूद एलर्जी पैदा करने वाले तत्व सांस से जुड़ी दिक्कतों को बढ़ा सकते हैं. ऐसी स्थिति में सांस फूलने के साथ खांसी और सीने में जकड़न जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं. अगर यह समस्या किसी खास वातावरण में जाने पर बार-बार होती है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए.
दिल से जुड़ी बीमारी भी हो सकती है कारण
सांस फूलने की समस्या केवल फेफड़ों या एलर्जी से जुड़ी हो, यह जरूरी नहीं है. इसके पीछे दिल से संबंधित बीमारी भी हो सकती है. खासकर अगर सांस फूलने के साथ सीने में दर्द, चक्कर आना, अत्यधिक थकान या ज्यादा पसीना आने जैसी शिकायत हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. इसके अलावा मोटापा, धूम्रपान, कमजोर फेफड़े और लंबे समय तक शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहना भी इस परेशानी का जोखिम बढ़ा सकता है.
AC का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखें
इस परेशानी से बचने के लिए AC का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना चाहिए. बहुत ठंडे कमरे से सीधे तेज धूप या गर्म वातावरण में जाने से बचना जरूरी है. बाहर निकलने से पहले कुछ मिनट सामान्य तापमान वाली जगह पर रुकना बेहतर हो सकता है, ताकि शरीर धीरे-धीरे बदले हुए माहौल के अनुसार खुद को अनुकूलित कर सके.
नियमित व्यायाम, प्राणायाम और पर्याप्त पानी पीना फेफड़ों तथा हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है. साथ ही धूम्रपान से दूरी बनाना भी जरूरी है. अगर सांस फूलने की समस्या बार-बार हो रही है, रोजमर्रा के कामों में बाधा डाल रही है या इसके साथ गंभीर लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. समय पर समस्या की पहचान और सही इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है.
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