Lifestyle: बच्चों में दिखें ये लक्षण, तो न करें नजरअंदाज, हो सकती है यह गंभीर बीमारी

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Lifestyle: स्पा इनल मस्कु लर एट्रॉफी एक दुर्लभ आनुवांशिक बीमारी है, जो स्पाैइन कॉर्ड में मोटर न्यूsरॉन्सा को प्रभावित करती है. इससे मांसपेशियों में कमजोरी होने लगती हैं और धीरे-धीरे उनकी मूवमेंट कम होने लगती है. यह सर्वाइवल मोटर न्यूसरॉन 1 (एसएमए1) जीन में म्युधटेशन की वजह से होता है, जिसमें सर्वाइवल मोटर न्यूोरॉन प्रोटीन की कमी होने लगती है, जो मोटर न्यूजरॉन्से को नॉर्मली काम करने के लिए जरूरी होता है. किसी भी दूसरे आनुवांशिक बीमारी की तुलना में एसएमए की वजह से दुनियाभर में शिशुओं की सबसे ज्यादा मौत होती है.

एक अध्यमयन के मुताबिक, भारत में जन्मह लेने वाले 7744 शिशुओं में से एक को एसएमए होता है, जिसका मतलब हर वर्ष करीब 3200 बच्चोंै इससे प्रभावित होते हैं. स्पाोइन मस्कुकलर एट्रॉफी की गंभीरता उसके प्रकार के आधार पर अलग-अलग हो सकती है, जैसे कि टाइप 1 को बीमारी का आमतौर पर सबसे खतरनाक और गंभीर रूप माना जाता है. एसएमए के हर वैरिएंट/प्रकार के लक्षण अलग होते हैं. एसएमए की बीमारी के लक्षण जन्मग लेने के 6 माह से लेकर 1 साल के बीच उभरते हैं. एसएमए के लक्षणों को जल्दीज पहचान लेना जरूरी होता है, जिससे सही समय पर इसका उपचार हो सके.

स्पाीइनल मस्कु लर एट्रॉफी के आम लक्षण

मांसपेशियों की कमजोरी
एसएमए एक आनुवांशिक बीमारी है, जो स्पाणइन कॉर्ड के मोटर न्यूमरॉन्सं को मुख्य रूप से प्रभावित करती है, जिन पर मसल्स की एक्टिविटी को कंट्रोल करने की जिम्मेमदारी होती है. इससे पीड़ित की मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं. यह कमजोरी पहले शरीर के निचले अंगों से शुरू होती है और फिर दूसरी अंगों में फैलने लगती है. एसएमए के साथ जन्मेल बच्चों को अंगों को हिलाने में परेशानी के साथ समझने में भी परेशानी हो सकती है.

चलने-फिरने में कठिनाई
एसएमए में अंगों को हिलाने-डुलाने में कठिनाई हो सकती है. मसल्स इतनी कमजोर हो जाती हैं कि चलना-फिरना तक दूभर हो जाता है. एसएमए से पीड़ित छोटे बच्चों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे- बैठना, क्रॉलिंग और चलना. बीमारी बढ़ने के साथ, एसएमए पीड़ितों को मूवमेंट के लिए व्हीसलचेयर्स की जरूरत भी पड़ सकती है.

श्वशसन-तंत्र की समस्याएं
एसएमए के आम और महत्व-पूर्ण लक्षणों में श्व्सन-तंत्र की समस्याडएं भी शामिल हैं. एसएमए सांस लेने में उपयोगी मांसपेशियों पर असर डाल सकती है, जिससे कमजोरी, खांसी, फेफड़ों का संक्रमण जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं.

स्कोरलियोसिस
स्कोरलियोसिस एसएमए के पीडि़तों को होने वाला सबसे आम लक्षण है और इसकी गंभीरता को एसएमए टाइप 1 से जोड़ा जाता है. स्कोसलियोसिस से सांस लेने में कठिनाई हो सकती है, क्यों कि फेफड़ों को फैलने और गहरी सांस लेने के लिए कम जगह मिलती है.

निगलने में कठिनाई (डिस्फे जिया)
एसएमए, निगलने के लिए जरूरी मांसपेशियों पर भी असल डाल सकती है, जिससे खाने में कठिनाई हो सकती है या खाने-पीने की चीजों के सांस की नली में खिंच जाने का जोखिम बढ़ सकता है.

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