Proteinmaxxing Trend: आज के समय में फिटनेस और हेल्थ को लेकर लोगों की सोच तेजी से बदल रही है. अब डाइट का मतलब सिर्फ कम खाना या अपनी पसंदीदा चीजों से दूरी बनाना नहीं रह गया है. लोग ऐसी डाइट को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसमें स्वाद के साथ शरीर के लिए जरूरी पोषण भी शामिल हो. इसी बदलती सोच के बीच सोशल मीडिया पर ‘प्रोटीनमैक्सिंग’ और हाई-प्रोटीन स्नैकिंग जैसे ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं.
फिटनेस से जुड़े कंटेंट और सोशल मीडिया पोस्ट में लोग अपने रोजमर्रा के खाने में प्रोटीन शामिल करने के अलग-अलग तरीके साझा कर रहे हैं. खास बात यह है कि इस ट्रेंड का असर सिर्फ जिम जाने वाले लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोग भी अपने नाश्ते और दिनभर की स्नैकिंग को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक नजर आ रहे हैं.
क्या है प्रोटीनमैक्सिंग?
प्रोटीनमैक्सिंग का सामान्य मतलब अपनी रोजमर्रा की डाइट में प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को अधिक महत्व देना है. यानी लोग अपने खाने की ऐसी चीजों को चुनने पर ध्यान दे रहे हैं, जिनसे उन्हें पर्याप्त प्रोटीन मिल सके. सोशल मीडिया पर फिटनेस कंटेंट क्रिएटर्स और यूजर्स प्रोटीन को डाइट में शामिल करने के आसान तरीके बता रहे हैं. कोई नाश्ते में प्रोटीन बढ़ाने की बात कर रहा है तो कोई दिन के बीच में लगने वाली भूख के लिए हाई-प्रोटीन स्नैक्स के विकल्प साझा कर रहा है. इसी वजह से प्रोटीनमैक्सिंग को लेकर लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है.
अब स्नैकिंग का अंदाज भी बदल रहा है
दिन के बीच में भूख लगने पर चिप्स, बिस्किट या मीठे स्नैक्स खाना काफी आम रहा है. लेकिन अब हेल्थ और फिटनेस को लेकर बढ़ती जागरूकता के कारण लोग स्नैकिंग के लिए अपेक्षाकृत पौष्टिक विकल्पों की तलाश कर रहे हैं. भुना चना, दही, पनीर, अंडे, मूंगफली, दाल से बने स्नैक्स और दूसरे प्रोटीन युक्त विकल्प लोगों की पसंद में जगह बना रहे हैं.
सोशल मीडिया पर इन खाद्य पदार्थों को आसान रेसिपी और आकर्षक तरीके से पेश किया जा रहा है, जिससे इन्हें रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है. यानी स्नैकिंग अब सिर्फ भूख मिटाने तक सीमित नहीं रह गई है. लोग यह भी देखने लगे हैं कि बीच में खाया जाने वाला खाना उनके रोज के पोषण में कितना योगदान दे सकता है.
फिटनेस कल्चर से भी जुड़ा है प्रोटीनमैक्सिंग ट्रेंड
प्रोटीन को लेकर बढ़ती दिलचस्पी के पीछे फिटनेस कल्चर की भी बड़ी भूमिका है. पहले जहां प्रोटीन को लेकर चर्चा मुख्य रूप से जिम और बॉडीबिल्डिंग से जुड़े लोगों के बीच होती थी, वहीं अब आम लोग भी अपनी डाइट और पोषण पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं. मसल्स की देखभाल, लंबे समय तक पेट भरा महसूस करने और संतुलित भोजन जैसी वजहों से प्रोटीन को डाइट का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. इसी कारण लोग अपने रोज के भोजन में प्रोटीन के स्रोत तलाश रहे हैं और सोशल मीडिया पर इससे जुड़े नए-नए आइडिया भी तेजी से शेयर किए जा रहे हैं.
सोशल मीडिया ने ट्रेंड को दी रफ्तार
प्रोटीनमैक्सिंग को लोकप्रिय बनाने में सोशल मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण है. फिटनेस और हेल्थ से जुड़े कंटेंट में लोग अपने भोजन की तस्वीरें, आसान रेसिपी और हाई-प्रोटीन स्नैक आइडिया शेयर कर रहे हैं. ऐसे कंटेंट को देखने के बाद दूसरे लोग भी अपनी डाइट में बदलाव करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं. हालांकि, सोशल मीडिया पर किसी ट्रेंड का लोकप्रिय होना यह साबित नहीं करता कि उससे जुड़ा हर तरीका हर व्यक्ति के लिए सही है. हर व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरत अलग हो सकती है.
ट्रेंड के साथ सावधानी भी जरूरी
हालांकि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर डाइट या रेसिपी हर व्यक्ति के लिए सही नहीं होती. प्रोटीन की जरूरत उम्र, शरीर, गतिविधि और स्वास्थ्य जैसी कई चीजों पर निर्भर करती है. इसलिए किसी भी लोकप्रिय डाइट ट्रेंड को अपनाने से पहले संतुलित आहार पर ध्यान देना जरूरी है. कुल मिलाकर, ‘प्रोटीनमैक्सिंग’ सिर्फ सोशल मीडिया का ट्रेंड नहीं, बल्कि लोगों के बदलते खान-पान और हेल्थ-कॉन्शियस लाइफस्टाइल की झलक भी देता है.
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