आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस पर बोला हमला, कहा- ‘राहुल गांधी ही करेंगे पार्टी का अंतिम संस्कार…’

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

गजरौला (अमरोहा) में गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों के शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने शिरकत की. गुरुद्वारे में मत्था टेककर उन्होंने साहिबजादों के बलिदान को नमन किया. इस दौरान उन्होंने धार्मिक एकता और हिंदू-सिख संबंधों की मजबूती की बात कही, वहीं देश की राजनीति और कांग्रेस के भविष्य को लेकर तीखे बयान भी दिए. राहुल गांधी के नेतृत्व सहित कई राजनीतिक मुद्दों पर उन्होंने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी.

हिंदू और सिखों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश

गुरुद्वारे में समाज को संबोधित करते हुए आचार्य कृष्णम ने कहा, कुछ लोग अपने निजी सियासी फायदों के लिए हिंदू और सिखों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “जो लोग हिंदू और सिख को अलग बताते हैं, वे समाज के दुश्मन हैं. हिंदू और सिख सनातन धर्म की दो भुजाएं हैं.” उन्‍होंने जोर देकर कहा, जब बात सनातन की सुरक्षा और सम्मान की आती है, तो हम सभी को एक झंडे के नीचे खड़ा होना चाहिए. साहिबजादों की शहादत को याद करते हुए उन्होंने कहा, सिख गुरुओं का बलिदान पूरे भारतवर्ष और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए था.

“राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर साधा निशाना”

राजनीति पर बात करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सीधा निशाना राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर साधा. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के बड़े नेता भी अब राहुल गांधी की काबिलियत पर भरोसा खो चुके हैं. उन्‍होंने कहा, “दिग्विजय सिंह अच्छी तरह जानते हैं कि राहुल गांधी से अब कुछ नहीं होने वाला. यही हाल सचिन पायलट और प्रियंका गांधी का भी है, वे सब हकीकत जानते हैं लेकिन बोल नहीं रहे.” उन्होंने आगे कहा, राहुल गांधी अपनी ही पार्टी को बर्बाद करने के लिए ‘मशहूर’ हो चुके हैं. आचार्य के शब्दों में “राहुल गांधी और उनकी टीम ही कांग्रेस के अंतिम संस्कार के लिए जिम्मेदार होगी. अगर अभी भी पार्टी ने उन्हें नेता पद से नहीं हटाया, तो विपक्ष का पूरी तरह सत्यानाश होना तय है.”

भारत में कोई भी व्यक्ति अपने समाज से अलग नहीं

हाल ही में कुशीनगर में एक भाजपा विधायक द्वारा आयोजित ‘ब्राह्मण भोज’ को लेकर उठे विवाद पर भी उन्‍होंने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, किसी भी विधायक या सांसद का अपने समाज के साथ बैठना या भोज आयोजित करना कोई अपराध नहीं है. भारत में कोई भी व्यक्ति अपने समाज से अलग नहीं हो सकता. समाज के लोगों की अपने नेताओं से कुछ अपेक्षाएं होती हैं, और यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है. इसे पार्टी के खिलाफ बगावत के तौर पर देखना गलत है.

भाजपा के भीतर फूट डालने की साजिश रच रही विपक्ष

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मनरेगा का नाम बदलने के विवाद और उत्तर प्रदेश की राजनीति पर कहा, विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी, भाजपा के भीतर फूट डालने की साजिश रच रही है. आचार्य ने कहा कि कांग्रेस को ‘मोदी’ शब्द से इतनी नफरत है कि वे हर चीज में मीन-मेख निकालते हैं. लेकिन हकीकत यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज पूरा देश और भाजपा एकजुट है.

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