Rahul Gandhi Priyanka Gandhi: भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन INDIA के भीतर कथित मतभेदों को लेकर नया सियासी मुद्दा खड़ा कर दिया है. बीजेपी का दावा है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. पार्टी ने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं के बीच अलग-अलग राजनीतिक खेमे बन गए हैं और प्रियंका गांधी को पार्टी के बड़े कार्यक्रमों में भी पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है.
बीजेपी ने खास तौर पर रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की रैली का हवाला देते हुए कहा कि प्रियंका गांधी को वहां अपनी बात रखने का अवसर तक नहीं मिला. पार्टी का आरोप है कि राहुल गांधी को आशंका है कि अगर प्रियंका को कांग्रेस में ज्यादा अहमियत मिली, तो उनकी अपनी राजनीतिक भूमिका कमजोर पड़ सकती है.
प्रियंका को किया जा रहा नजरअंदाज Rahul Gandhi Priyanka Gandhi
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में गांधी परिवार को लेकर निशाना साधा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि परिवार के भीतर प्रियंका गांधी का भी ‘वोट चोरी’ हो गया है. पात्रा के मुताबिक, प्रियंका गांधी हाल ही में आयोजित मॉक पार्लियामेंट और रामलीला मैदान की रैली के दौरान असंतुष्ट दिखाई दीं. उन्होंने दावा किया कि दोनों ही आयोजनों में उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया.
मॉक पार्लियामेंट से रामलीला मैदान तक प्रियंका को नहीं मिला मंच
संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में एक प्रतीकात्मक संसद का आयोजन किया था. इस कार्यक्रम में कई सांसदों के साथ अन्य प्रतिभागियों को भी बोलने का अवसर मिला, लेकिन उनके मुताबिक प्रियंका गांधी को संबोधित करने का मौका नहीं दिया गया. बीजेपी प्रवक्ता ने रामलीला मैदान की रैली का जिक्र करते हुए भी यही आरोप दोहराया. उन्होंने कहा कि वहां मौजूद कई नेताओं और लोगों ने अपने विचार रखे तथा अलग-अलग मुद्दों पर बात की, लेकिन प्रियंका गांधी को फिर से बोलने का अवसर नहीं मिला. पात्रा ने इसे लेकर गांधी परिवार के भीतर कथित नाराजगी और मतभेदों की बात उठाई.
चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन ने किया था प्रतीकात्मक विरोध
दरअसल, INDIA गठबंधन ने शनिवार, 1 नवंबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक जन महाभियोग की कार्रवाई की थी. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के प्रभाव में काम कर रहा है और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं. इसके अगले दिन यानी रविवार को विपक्षी गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित की. इस प्रदर्शन के जरिए विपक्ष ने कथित चुनावी गड़बड़ियों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की.
विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी आपत्ति जताई. वहीं, इसी रैली में प्रियंका गांधी को बोलने का मौका नहीं मिलने के बीजेपी के दावे ने कांग्रेस और गांधी परिवार के भीतर कथित मतभेदों को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है. हालांकि, राहुल और प्रियंका के बीच मतभेद होने के बीजेपी के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.