J&K: गांदरबल मुठभेड़ की होगी मजिस्ट्रेट जांच, परिजनों के आरोप के बाद LG मनोज सिन्हा ने दिए आदेश

Must Read

Srinagar: जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में दो दिन पहले हुई मुठभेड़ को तूल पकड़ता देख उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है. X पर एक पोस्ट में LG के कार्यालय ने बताया कि उन्होंने अरहामा, गांदरबल घटना की गहन और निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा, “जांच घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि न्याय मिले.”

एक गहन और निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच

जम्मू-कश्मीर में कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी उपराज्यपाल के कार्याधिकार क्षेत्र में है. गांदरबल के जिला मजिस्ट्रेट को भेजे गए एक पत्र में सरकार के अवर सचिव ने बताया कि इस मामले की जांच की गई है और तदनुसार, आपसे अनुरोध है कि आप एक गहन और निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच करवाएं. मजिस्ट्रेट से स्वर्गीय गुल ज़मान मुग़ल के बेटे राशिद अहमद मुग़ल की मृत्यु के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने को कहा गया है.

सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई थी मुठभेड़ 

उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे 7 दिनों के भीतर जांच पूरी करें और गृह विभाग को रिपोर्ट सौंपें. अरहामा गांदरबल में गत मंगलवार की रात को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एक मुठभेड़ शुरू हुई थी. बुधवार की सुबह इसमें एक आतंकी मारा गया और कथित तौर पर उसके अन्य साथी भाग निकले. सेना ने मुठभेड़ में एक अज्ञात आतंकी के मारे जाने और उसके पास से हथियार व अन्य साजों-सामान बरामद करने का दावा किया था.

मौत के बाद पूरे इलाके में तनाव

मारा गया तथाकथित आतंकी जिला गांदरबल में चूंट वालीवाड़ का राशीद अहमद मुगल नामक युवक निकला. उसकी मौत की खबर फैलने के बाद पूरे इलाके में तनाव पैदा हो गया. उसके भाई एजाज अहमद ने दावा किया कि राशिद अहमद का आतंकवाद से कोई नाता नहीं था. उसने कुछ समय पहले ही एमकॉम की पढ़ाई पूरी की थी और वह लोगों के लिए ऑनलाइन फार्म जमा कर किसी तरह अपनी रोजी-रोटी कमा रहा था.

इसे भी पढ़ें. तुमने हमारा एक पुल ध्वस्त किया, अब…, गुस्साएं ईरान ने जारी की आठ खास पुलों की हिट लिस्ट

Latest News

FPI Investment: जुलाई में विदेशी निवेशकों की दमदार वापसी, 10 दिन में शेयर बाजार में लगाए 15,156 करोड़ रुपये

जुलाई के पहले 10 दिनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 15,156 करोड़ रुपये का निवेश किया है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि रुपये की स्थिरता, बेहतर आर्थिक हालात और टैक्स नियमों में बदलाव से एफपीआई निवेश बढ़ा है.

More Articles Like This