UP: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो इस वक्त मीडिया जगत की सुर्खियों में है. तकरीबन आठ साल पहले रेलवे ट्रैक के किनारे बाग में मिले शव की पहचान कराने में पुलिस असफल रही, लेकिन न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी कर ली है. हरदोई अपर जिला जज (कोर्ट संख्या एक) प्रमेंद्र कुमार ने रिक्शा चालक को दोषी करार दिया. हत्या. लूट और साक्ष्य मिटाने के अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. आरोपी पर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया.
देहात कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज
देहात कोतवाली क्षेत्र के महोलिया शिवपार निवासी संजय गांव का चौकीदार है. उन्होंने 26 मार्च 2018 को देहात कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. बताया कि 25 मार्च को बोदिलपुरवा में रेलवे ट्रैक के किनारे स्थित आम के बाग में युवक का शव मिला था. सिर पर चोट के गंभीर निशान थे. शव की पहचान नहीं हो पाई थी. विवेचना में पता चला था कि हरियावां थानाक्षेत्र के लालापुरवा निवासी सुरेंद्र उर्फ बड़क्के रिक्शा चलाते हैं. 24 मार्च को शहर के नुमाइश चौराहे से उसने एक युवक को रेलवे स्टेशन ले जाने के लिए बैठाया था.
रिक्शा चालक ने छह हजार लूट लिए
रास्ते में ठेके पर युवक ने शराब खरीदी थी. इस दौरान रिक्शा चालक की नजर युवक की जेब में रखे छह हजार रुपये पर पड़ गई थी. आरोपी और युवक ने रास्ते में शराब पी. युवक के नशे में हो जाने पर रिक्शा चालक ने छह हजार रुपये लूट लिए. फिर घटना छिपाने के लिए युवक के सिर पर डंडे से कई वार कर हत्या कर दी. गले में पड़े गमछे से उसका गला भी कस दिया था. घटना को मोड़ देने के लिए आरोपी ने शव रेलवे ट्रैक के किनारे बाग में फेंक दिया.
आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध
जांच में यह सब पता चलने पर आरोपी को जेल भेज दिया गया था. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों, बरामदगी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध किए. अदालत ने माना कि आरोपी ने लूट के बाद युवक की हत्या की और साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया. इस कारण अपर जिला जज प्रमेंद्र ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई.
मृतक की पहचान तक नहीं करा पाई पुलिस
न्यायालय ने भले ही अभियुक्त को सजा दे दी हो, लेकिन पुलिस मृतक की पहचान तक नहीं करा पाई. गिरफ्तारी के बाद रिक्शा चालक ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि युवक ने उसे बताया था कि वह बिहार का रहने वाला है. मिर्जापुर में मजदूरी करने की जानकारी भी दी थी. उसके पास कुछ अभिलेख और कपड़े थे. अभियुक्त ने इस सामान को अपने घर जाकर जला दिया था. इसकी राख नाली में बहा दी थी.
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