Middle East Crisis: सूत्रों के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार शाम को एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें पेट्रोलियम उत्पाद, कच्चा तेल, बिजली और उर्वरक से जुड़ी स्थिति की समीक्षा की जाएगी. इस बैठक में वरिष्ठ मंत्री भी शामिल होंगे और मुख्य फोकस देशभर में ईंधन की निर्बाध सप्लाई, मजबूत लॉजिस्टिक्स और प्रभावी वितरण व्यवस्था बनाए रखने पर रहेगा.
ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार की नजर
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि ऊर्जा सुरक्षा को लेकर केंद्र पूरी तरह सतर्क है और जरूरी कदम पहले से ही उठाए जा रहे हैं. वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं और उद्योगों पर किसी भी तरह का नकारात्मक असर न पड़े. इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बातचीत कर क्षेत्रीय हालात और आपसी सहयोग पर चर्चा की. दोनों नेताओं ने उम्मीद जताई कि आने वाला समय क्षेत्र में शांति और स्थिरता लेकर आएगा.
इन्फ्रास्ट्रक्चर हमलों की निंदा
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के दिनों में अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल क्षेत्रीय संतुलन को बिगाड़ती हैं, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन के लिए भी गंभीर खतरा बनती हैं. उन्होंने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को बाधारहित बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया. साथ ही ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सहयोग देने पर आभार भी जताया.
LPG आयात में बदलाव
एलपीजी सप्लाई को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच सरकार ने आयात के विकल्पों को बढ़ाने का फैसला किया है. मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए अमेरिका से भी एलपीजी की खरीद शुरू की गई है. होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट की स्थिति, जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस गुजरता है, ने भारत को अपनी आयात रणनीति में बदलाव करने पर मजबूर किया है.
तेल आयात के स्रोतों में विविधता
अब देश का लगभग 70 प्रतिशत कच्चा तेल खाड़ी देशों के बाहर से आयात किया जा रहा है. इसमें अमेरिका, रूस और नाइजीरिया जैसे देश शामिल हैं. हालांकि मौजूदा हालात के कारण एलपीजी को लेकर चिंता बनी हुई है, लेकिन फिलहाल देश में कहीं भी सप्लाई बाधित होने की सूचना नहीं है.
देश में सप्लाई स्थिति सामान्य
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 94 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो सिस्टम के बेहतर संचालन को दर्शाता है. कच्चे तेल की उपलब्धता और रिफाइनरी का कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है. घरेलू स्तर पर पीएनजी और सीएनजी की सप्लाई पूरी तरह स्थिर है, और उपभोक्ताओं को एलपीजी के बजाय पीएनजी अपनाने की सलाह दी जा रही है.
कालाबाजारी पर सख्ती
सरकार ने राज्यों को कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं. साथ ही ऐसे मामलों में छापेमारी कर कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि बाजार में किसी तरह की कृत्रिम कमी पैदा न हो सके.
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