Indian Space Research Organisation : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) इस साल यानी 2026 के पहले लॉन्च मिशन को आज यानी सोमवार को सुबह 10:17 बजे लॉन्च करेगा. प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मिशन के तहत PSLV-C62 रॉकेट के माध्यम से पृथ्वी अवलोकन सैटेलाइट EOS-N1 को प्राथमिक पेलोड के रूप में कक्षा में स्थापित किया जाएगा. इतना ही नही बल्कि इनके साथ ही और भी 15 उपग्रहों को भी लॉन्च किया जाएगा.
जानकारी के मुताबिक, यह 64वीं PSLV उड़ान PSLV-DL वैरिएंट से होगी, जिसमें पेलोड को 505 किलोमीटर की सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा. इसके साथ ही रॉकेट का लॉन्च आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के लॉन्च पैड-1 से किया जाएगा.
हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट
- EOS-N1 (अन्वेषा):प्राप्त जानकारी के अनुसार रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के लिए विकसित लगभग 400 किलोग्राम वजन की हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह 12 मीटर रेजोल्यूशन के साथ रक्षा निगरानी, कृषि आकलन, शहरी मानचित्रण और पर्यावरणीय ट्रैकिंग में अहम भूमिका निभाएगा.
- KID (Kestrel Initial Technology Demonstrator): बताया जा रहा है कि स्पेनिश स्टार्टअप का 25 किलोग्राम का री-एंट्री टेक्नोलॉजी डेमॉन्स्ट्रेटर, इसकी अंतिम तैनाती के बाद दक्षिण प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन के साथ री-एंट्री का परीक्षण किया जाएगा.
- अन्य उपग्रह:बता दें कि इसमें भारत के साथ मॉरीशस, लक्जमबर्ग, UAE, सिंगापुर, यूरोप और अमेरिका के भी कई वाणिज्यिक और शोध उपग्रह इस मिशन का हिस्सा हैं.
इसरो का वर्क हॉर्स PSLV
जानकारी के मुताबिक, PSLV को इसरो का वर्क हॉर्स माना जाता है. ऐसे में अब तक की 63 उड़ानों में इस रॉकेट ने चंद्रयान-1, मंगल ऑर्बिटर मिशन और आदित्य-एल1 जैसे ऐतिहासिक अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया. इसके साथ ही साल 2017 में एक ही मिशन में 104 उपग्रहों के प्रक्षेपण का विश्व रिकॉर्ड भी PSLV के नाम है.
बता दें कि पिछले साल मई में PSLV-C61 मिशन विफल रहा था, ऐसे में सोमवार का यह लॉन्च इसरो के लिए विशेष महत्व रखता है.
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