Mahavir Jayanti 2026: नई दिल्ली में भगवान महावीर की 2625वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में दिल्ली विधानसभा में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया. समारोह को विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विश्व विख्यात जैन आचार्य आचार्य लोकेश और परंपराचार्य प्रज्ञसागर जी मुनिराज ने संबोधित किया.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का संबोधन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी जैन अनुयायियों को भगवान महावीर जन्म जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान महावीर की शिक्षाएँ मौजूदा समय में अधिक प्रासंगिक है. उन्होंने कहा कि जैन धर्म के अहिंसा, सत्य और तपस्या के सिद्धांत समाज में भाईचारे और नैतिकता को मजबूत बनाते हैं. दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत भी इसी आध्यात्मिकता और समरसता की वजह से और अधिक समृद्ध हुई है.
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता का संदेश
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जैन धर्म के सिद्धांत हमें सिखाते हैं कि प्रेम और शांति से ही समाज आगे बढ़ सकता है. भगवान महावीर की शिक्षाओं को जीवन में उतारना आवश्यक है, तभी संतुलित व विकसित समाज का निर्माण संभव है.
आचार्य लोकेशजी ने बताया अहिंसा का महत्व
अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेशजी ने कहा कि भगवान महावीर के अहिंसा अनेकान्त दर्शन से युद्ध सहित विभिन्न समस्याओं का समाधान संभव है. उन्होंने कहा कि जैन समाज ने भारत के राष्ट्र निर्माण में शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार और समाज सेवा के माध्यम से अमूल्य योगदान दे रहे है. वर्तमान परिपेक्ष में भगवान महावीर का अहिंसा, शांति, करुणा, अनेकांतवाद का संदेश विश्व की दिशा और दशा बदल सकता है.
प्रज्ञसागरजी मुनिराज का प्रेरणादायक संदेश
परंपराचार्य प्रज्ञसागरजी मुनिराज ने कहा कि महावीर जयंती केवल उत्सव नहीं, बल्कि भगवान महावीर के ‘अहिंसा’, ‘अपरिग्रह’ और ‘अनेकांत’ के सिद्धांतों को जीवन में उतारने की प्रेरणा देता हैं. उनकी शिक्षाएं, विशेषकर ‘जियो और जीने दो’, आधुनिक समय में अत्यधिक प्रासंगिक हैं.
जैन समाज की भागीदारी
भगवान महावीर अहिंसा भारती ट्रस्ट व सकल जैन समाज द्वारा आयोजित इस समारोह में दिल्ली विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट सहित जैन समाज के अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे.
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में पंकज जैन, मनोज जैन, प्रवीण जैन, महेंद्र जैन सहित कई कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा.