MP Dog Mask Protest: मध्य प्रदेश के खंडवा में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान अचानक एक शख्स कुत्ते के मुखौटे में पहुंचा तो हर किसी की नजर उस पर टिक गई. कलेक्टर सभागृह में मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही इस अनोखे विरोध की वजह सामने आ गई. मामला शहर में बढ़ते आवारा कुत्तों और उनकी नसबंदी के नाम पर खर्च किए गए लाखों रुपये से जुड़ा था. दरअसल, खंडवा नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष दीपक (मुल्लू) राठौर एक व्यक्ति को कुत्ते का रूप देकर जनसुनवाई में पहुंचे. उनका कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि नगर निगम नसबंदी और बधियाकरण के नाम पर बड़ी रकम खर्च कर चुका है. राठौर ने इसी मुद्दे पर सवाल उठाने के लिए विरोध का यह अलग तरीका अपनाया.
नसबंदी पर खर्च 40 लाख, फिर भी नहीं घटे आवारा कुत्ते
दीपक राठौर का दावा है कि पिछले चार साल में खंडवा नगर निगम ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और बधियाकरण के लिए करीब 40 लाख रुपये खर्च किए हैं. इसके बावजूद शहर में आवारा कुत्तों की संख्या कम होने के बजाय लगातार बनी हुई है. उन्होंने दावा किया कि इसी चार साल की अवधि में खंडवा में कुत्तों के काटने की 13,225 घटनाएं सामने आई हैं.
खंडवा, मध्य प्रदेश
खंडवा में आवारा कुत्तों के आतंक के विरोध में अनोखा प्रदर्शन, कुत्ते को देखने उमड़ी अधिकारियो औऱ स्थानीय लोगों की भीड़
शहर में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक के विरोध में कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई में एक व्यक्ति को कुत्ते का कॉस्ट्यूम पहनकर पहुंचा pic.twitter.com/KWo2erTvC0
— Gaurav Kumar (@gaurav1307kumar) August 18, 2026
राठौर ने नसबंदी के काम में कथित अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की. जनसुनवाई के दौरान उन्होंने व्यंग्य के अंदाज में कहा कि जिस डॉगी की नसबंदी कराई गई थी, वह इसके बाद भी छह बच्चों का पिता बन गया. उनके इस प्रदर्शन का मकसद नसबंदी के काम और उस पर खर्च हुई रकम को लेकर सवाल खड़े करना था. उन्होंने जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की मांग भी उठाई.
कुत्ते की ड्रेस देखकर पुलिस ने रोका
कुत्ते का मुखौटा और ड्रेस पहने व्यक्ति को जनसुनवाई में आते देख सभागृह के बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की. बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उसे अंदर जाने की अनुमति दी गई. जैसे ही वह जनसुनवाई में पहुंचा, वहां मौजूद लोग उसे देखकर चौंक गए. कुछ समय के लिए माहौल में हंसी-मजाक का माहौल भी बना, लेकिन प्रदर्शन के पीछे उठाए गए सवालों पर बाद में गंभीरता से चर्चा हुई.
एडिशनल कलेक्टर ने दिया जांच का भरोसा
शिकायत को एडिशनल कलेक्टर काशीराम बड़ोले ने गंभीरता से सुना. उन्होंने नगर निगम आयुक्त से भी इस मामले में चर्चा की. काशीराम बड़ोले ने बताया कि 40 लाख रुपये के बिल निकाले जाने और काम नहीं होने की शिकायत सामने आई है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी. जांच में सामने आने वाली रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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