बलिया में मुंडन के दौरान बड़ा हादसा, स्नान करते समय 6 लोग डूबे, 4 की मौत, CM योगी ने लिया संज्ञान

Ballia: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में रविवार को बेहद हृदयविदारक घटना हुई है. मुंडन संस्कार के दौरान गंगा नदी में स्नान करते समय छह लोग गहरे पानी में समा गए. इस दर्दनाक हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि दो को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. मुंडन संस्कार के लिए आए परिवार की खुशियां गम में बदल गईं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए प्रशासन को तत्काल राहत और बचाव कार्य के निर्देश दिए हैं.

परिवार में था मुंडन संस्कार

जानकारी के मुताबिक, फेफना थाना क्षेत्र के कल्याणीपुर निवासी वशिष्ठ चौहान के परिवार में मुंडन संस्कार था. रविवार सुबह पूरा परिवार और रिश्तेदार बलिया शहर कोतवाली क्षेत्र के शिवरामपुर घाट (ब्यासी) पर एकत्र हुए थे. रस्मों के बीच जब लोग गंगा में स्नान कर रहे थे, तभी अचानक चार लड़कियां गहरे पानी की चपेट में आ गईं और डूबने लगीं. उन्हें बचाने के लिए पास मौजूद दो युवक भी नदी में कूद पड़े, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण वे खुद भी डूबने लगे.

एक युवती और एक युवक को बचाया

घाट पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए एक युवती और एक युवक को तो बचा लिया, लेकिन अन्य चार लोग लापता हो गए. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची. काफी मशक्कत के बाद एनडीआरएफ (NDRF) के पहुंचने से पहले ही स्थानीय गोताखोरों ने चार शवों को नदी से बाहर निकाला. मृतकों की पहचान हर्षिता (17 वर्ष) और नंदिता (12 वर्ष) के रूप में हुई है, जो गड़वार थाना क्षेत्र के रामपुर भोज की रहने वाली थीं.

डीएम-एसपी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा 

इनके अलावा गाजीपुर जिले के खिलाड़ी महेशपुर निवासी अर्जुन चौहान (19 वर्ष) और अरुण चौहान (20 वर्ष) की भी इस हादसे में जान चली गई है. हादसे की सूचना मिलते ही डीएम और एसपी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पीड़ितों की हर संभव मदद की जाए और घायलों का मुफ्त और बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए.

हादसे के बाद पूरे घाट पर भगदड़ जैसी स्थिति

फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. हादसे के बाद पूरे घाट पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. जहां कुछ देर पहले शादी और मुंडन की खुशियां थीं, वहां अचानक रोने-चीखने की आवाजें गूंजने लगीं. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.

इसे भी पढ़ें. बंगाल से असम तक…मुंबई सट्टा बाजार के चौंकाने वाले आंकड़े; जानें नतीजों से ठीक पहले क्या है ट्रेंड

Latest News

देश में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं की उपेक्षा करना उचित नहीं: डॉ दिनेश शर्मा

लखनऊ/पुणे: राज्य सभा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि देश में क्षेत्रीय भाषाओं की...

More Articles Like This

Exit mobile version