Ram Mandir Trust: अयोध्या में स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चढ़ावा गबन के आरोपों के बाद प्रशासनिक पुनर्गठन करने का फैसला किया. राम मंदिर प्रशासन को लेकर एक और बड़ा बदलाव किया गया है. ट्रस्ट ने दैनिक प्रशासन की जिम्मेदारी संभालने के लिए जगदीश आफले का नाम पेश किया है. इस समय जगदीश आफले राम मंदिर निर्माण परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में कार्य कर रहे हैं.
जगदीश आफले अपनी रिपोर्ट अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन को पेश करेंगे. इसी तरह ट्रस्ट के प्रस्तावित CEO को लेकर जो इतने दिनों से बात चल रही थी कि किसी संत को CEO बनाया जाए. इस संबंध में फैसला लिया गया है कि ट्रस्ट के प्रस्तावित CEO भी पदाधिकारी होंगे, लेकिन उन्हें भी ट्रस्ट का सदस्य नहीं बनाया जाएगा.
अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने इस बात की पुष्टि की है कि सचिव पद के लिए जगदीश आफले के नाम को पेश किया गया है. हालांकि, इसपर अंतिम मुहर 2 सितंबर को ट्रस्ट की कार्यकारी समिति में लगेगी.
अगर जगदीश आफले की बात करें तो, वे लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं. IIT बॉम्बे से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में एम टेक किया और भारत व विदेश में बहुत सारी कंपनियों में काम किया है. अपने काम से सेवानिवृत्त होने के बाद आफले राम मंदिर निर्माण परियोजना से प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में जुड़े.
फिलहाल आफले राम मंदिर निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे हैं. उनका कहना है कि वे 2 सितंबर के बाद ही मीडिया से बात करेंगे. वहीं, CEO के चयन को फिलहाल एक महीने के लिए टाल दिया गया है. दरअसल, 5,200 आवेदनों में से अंतिम उम्मीदवारों का परीक्षण करने के बाद फैसला किया जाएगा.
राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में चल रही है SIT जांच
राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में SIT जांच चल रही है. FIR भी दर्ज की गई और 8 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है. इस विवाद के बाद तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था. इसके साथ ही ट्रस्ट ने आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का भी फैसला किया है और इसके लिए प्रक्रिया जारी है.