Weather Update Today: मानसून ने इस समय देश के कई हिस्सों में अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश का दौर और ज्यादा तेज हो सकता है. बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया मौसमी सिस्टम देश के बड़े हिस्से के मौसम को प्रभावित करने वाला है. इसके चलते पूर्वी, मध्य, उत्तरी और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है. खास बात यह है कि यह सिस्टम ऐसे समय सक्रिय होने जा रहा है, जब देश के कई हिस्सों में पहले से ही बारिश और जलभराव की स्थिति बनी हुई है.
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी बंगाल की खाड़ी में 11 अगस्त के आसपास एक नया चक्रवाती परिसंचरण विकसित होगा. इसके बाद करीब 13 अगस्त को इसी सिस्टम के कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना है. इसके सक्रिय होते ही पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत करीब 18 राज्यों में बारिश का एक नया दौर देखने को मिल सकता है. कई इलाकों में 15 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का खतरा भी बना रहेगा.
बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 11 अगस्त को उत्तरी बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के आसपास चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने की संभावना है. यह सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत होकर 13 अगस्त तक कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो सकता है. इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज होने की उम्मीद है.
नए सिस्टम के सक्रिय होने के बाद पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में 13 से 15 अगस्त के बीच भारी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है. लगातार तेज बारिश की वजह से नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है. ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
पहाड़ी राज्यों में 15 अगस्त तक बारिश का खतरा
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में भी मौसम का मिजाज आने वाले दिनों में चुनौतीपूर्ण रहने वाला है. IMD ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 15 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना जताई है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. तेज बारिश के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में बादल गरजने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा. इसके अलावा भारी बारिश के कारण भूस्खलन जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
दिल्ली-NCR में उमस के बीच बारिश के आसार
राजधानी दिल्ली और आसपास के NCR इलाकों में फिलहाल मौसम में बहुत बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है. दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 10-11 अगस्त और फिर 13 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. वहीं उत्तर प्रदेश में 13 और 14 अगस्त को मानसून की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है. पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है. बारिश की तीव्रता बढ़ने के साथ कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है.
मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में भी भारी बारिश
मध्य भारत में मानसूनी ट्रफ और कम दबाव वाले क्षेत्र की सक्रियता का असर कई राज्यों पर पड़ सकता है. पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. पिछले 24 घंटों के दौरान भी एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कुछ इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है. ऐसे में आने वाले दिनों में तेज बारिश होने पर निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास परेशानी बढ़ सकती है. गुजरात में भी 10 से 12 अगस्त के बीच जोरदार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. इसमें 11 अगस्त को बारिश की गतिविधियां सबसे ज्यादा तेज रहने का अनुमान है.
दक्षिण भारत में तेज बारिश के साथ 60 KM/H तक पहुंच सकते हैं हवा के झोंके
दक्षिण और पश्चिमी तटीय इलाकों में भी मानसून सक्रिय बना रहेगा. कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में 15 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होने की संभावना है. कई इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं. तमिलनाडु, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जबकि इनके झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. समुद्री परिस्थितियां भी खराब रहने की आशंका को देखते हुए अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मछुआरों को गहरे समुद्र में नहीं जाने की सख्त हिदायत दी गई है.
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