“आप हरी झंडी देंगे, तभी चच्चू को मिलेगी एंट्री”, OP राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Om Prakash Rajbhar: योगी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जुबानी हमला किया है. उन्होंने शिवपाल यादव और धर्मेद्र यादव का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा. ओमप्रकाश राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि सपा दफ्तर में चच्चू शिवपाल और धर्मेंद्र यादव की एंट्री के लिए भी परमिशन चाहिए. उन्होंने कहा कि अब चच्चू को पार्टी दफ्तर जाने के लिए भतीजे की हरी झंडी का इंतजार करना पड़ रहा है. ओपी राजभर ने कहा कि अगर परिवार वालों का ये हाल है तो सोचिए बाकी नेताओं की स्थिति क्या होगी. वहीं, कांग्रेस को लेकर उन्होंने कहा कि 2013 में कांग्रेस सत्ता में थी फिर भी 2014 में मोदी सरकार बनीं. पूरे सिस्टम पर उनका कंट्रोल था. इसके बावजूद बीजेपी के नेतृत्व वाला NDA चुनाव जीत गया. उन्होंने कहा कि लोग समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से नाखुश हैं.

सपा मुखिया अखिलेश यादव पर कसा तंज

ओमप्रकाश राजभर ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “अखिलेश जी! सुना है आपके समाजवादी पार्टी दफ्तर में चच्चू शिवपाल यादव और भाई धर्मेंद्र यादव को घुसने के लिए आपकी परमिशन चाहिए. आप हरी झंडी देंगे, तभी एंट्री मिलेगी! ना किया तो बेआबरू होकर वापसी करनी होगी. जिस शिवपाल यादव ने मुलायम सिंह यादव जी के साथ गांव-गांव घूमकर समाजवादी पार्टी को सींचा, संगठन खड़ा करने में जिंदगी लगा दी, आज उसी चच्चू को पार्टी दफ्तर जाने के लिए भतीजे की हरी झंडी का इंतजार करना पड़ रहा है? धर्मेंद्र यादव का भी यही हाल है. अगर परिवार वालों का ये हाल है तो सोचिए बाकी नेताओं की स्थिति क्या होगी. चच्चू से राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पार्टी खड़ी करने में उनका भी पसीना लगा है. तरस इस बात पर आता है कि चच्चू को बुढ़ापे में ये सब देखना पड़ रहा है. ख़ैर, ऊपर वाला सब देख रहा है. वही मान-स्वाभिमान का न्याय करेगा. जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव!”

राजभर ने कांग्रेस पर साधा निशाना

वहीं, दूसरी तरफ उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा. ओमप्रकाश राजभर ने कहा, “2013 में कांग्रेस सरकार सत्ता में थी. 2014 के चुनावों में पूरे सिस्टम पर कांग्रेस का कंट्रोल था. ज्ञानेश कुमार वहां नहीं थे और किसी को भी सिस्टम में दखल देने की इजाजत नहीं थी. फिर भी मोदी सरकार पूर्ण बहुमत के साथ बनी. तो क्या उस समय कांग्रेस ने वोट चोरी होने दी? राहुल गांधी को इस बारे में सोचना चाहिए. अखिलेश यादव भी बयान दे रहे हैं. 2012 से 2017 तक समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सत्ता में थीं. पूरे सिस्टम पर उनका कंट्रोल था और उत्तर प्रदेश में चुनाव उनकी देख-रेख में हुए थे. अगर उनमें थोड़ी भी समझ होती, तो उन्हें एहसास होता कि पूरे सिस्टम पर कंट्रोल होने के बावजूद बीजेपी के नेतृत्व वाला NDA चुनाव जीत गया. लोग समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से नाखुश हैं.”

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