Post Office RD: आज के समय में जहां बाजार में जोखिम भरे निवेश विकल्प तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं आम लोगों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद स्कीम की जरूरत भी उतनी ही अहम हो गई है. ऐसे में...
भारत का बैंकिंग सेक्टर मजबूत स्थिति में बना हुआ है. सर्वे में 11–13% क्रेडिट ग्रोथ का अनुमान जताया गया है, जबकि MSME और रिटेल सेक्टर ग्रोथ के प्रमुख स्तंभ बने रहेंगे.
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह 697 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है. गोल्ड रिजर्व और फॉरेन करेंसी एसेट्स में सुधार से यह उछाल आया है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत दिख रही है.
मार्च में गोल्ड ETF में निवेश में भारी गिरावट दर्ज की गई है और इनफ्लो घटकर ₹2,266 करोड़ रह गया. सोने की कीमतों में गिरावट और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशकों की रुचि कम हुई, हालांकि AUM अभी भी मजबूत बना हुआ है.
शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे की मजबूती के साथ खुला. RBI की आर्बिट्रेज पोजीशन खत्म करने की डेडलाइन और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार की दिशा तय की है. विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार फिलहाल सतर्क रुख में है.
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत का कुल निर्यात 11.37 प्रतिशत बढ़कर 232.73 अरब डॉलर पहुंच गया. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वस्तु और सेवा दोनों क्षेत्रों में निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई.