केंद्र सरकार द्वारा बुधवार को जारी वित्त वर्ष 2025–26 के पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार, देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.4% रहने की संभावना है, जबकि वित्त वर्ष 2024–25 में यह 6.5% थी. सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के...
एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 27 में भारत का कर संग्रह बढ़ने की संभावना है, वहीं सकल कर उछाल (Tax Buoyancy) बढ़कर 1.1 तक पहुंच सकता है, जो FY26 में 0.64 रहा था. यह जानकारी बुधवार को जारी...
ऑटो कंपोनेंट, मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे इस सेक्टर में देश के लिए निर्यात के व्यापक अवसर सामने आए हैं. यह जानकारी नीति आयोग की ओर से मंगलवार को जारी...
नवंबर महीने में थोक महंगाई दर -0.32% दर्ज की गई है. इसके नकारात्मक स्तर पर बने रहने का मुख्य कारण खाद्य उत्पादों, मिनरल ऑयल, कच्चे पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, बेसिक मेटल निर्माण और बिजली की कीमतों में आई गिरावट रही....
ब्रिकवर्क रेटिंग की नई रिपोर्ट के अनुसार FY26 में भारत की GDP वृद्धि 7.2% रहने का अनुमान है. बेहतर निवेश गतिविधि, पूंजीगत खर्च, उपभोग और अच्छे मानसून से आर्थिक गति को सपोर्ट मिलेगा, जबकि वैश्विक चुनौतियाँ अभी भी जोखिम बनी हुई हैं.
मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार भारत को वित्त वर्ष 2026 में राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने के लिए खर्च नियंत्रित करना होगा. कर संग्रह धीमा है, पूंजीगत व्यय बढ़ा है और राजकोषीय घाटा पहली छमाही में 21% बढ़ चुका है.
खाद्य मुद्रास्फीति में आई नरमी और उपभोक्ता मांग में कमी को देखते हुए चालू वित्त वर्ष में औसत मुद्रास्फीति के 2.1% रहने का अनुमान लगाया गया है. यह आकलन बुधवार को जारी केयरएज रेटिंग्स की एक ताज़ा रिपोर्ट में...
India GDP Growth: भारत की अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष में फिर से तेजी से प्रगति करने की राह पर है. देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. आनंद नागेश्वरन के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में भारत की GDP...
एसबीआई रिसर्च ने बुधवार को भारतीय अर्थव्यवस्था में कमोडिटी या धन के रूप में पीली धातु सोने की भूमिका परिभाषित करने की जरूरत को देखते हुए गोल्ड पर एक व्यापक लॉन्ग-टर्म पॉलिसी को लाए जाने की मांग की है....
अक्टूबर का महीना भारत के प्राइमरी मार्केट के लिए बेहद मजबूत साबित हुआ है, क्योंकि यह शुरुआती सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिहाज से काफी व्यस्त रहा. अब तक 14 कंपनियों ने बाजार में उतरकर 46,000 करोड़ रुपए से अधिक...