Retail GCC: रिटेल और कंज्यूमर सेक्टर के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स यानी GCC में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े टैलेंट की मांग तेजी से बढ़ रही है. बुधवार को जारी एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, रिटेल जीसीसी में AI टैलेंट की हिस्सेदारी 2028 तक बढ़कर 10.6 फीसदी पहुंच सकती है. 2025 में यह हिस्सेदारी 4.8 फीसदी, जबकि 2022 में सिर्फ 2.1 फीसदी थी. रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि रिटेल जीसीसी में AI और डेटा से जुड़ी विशेषज्ञता का दायरा लगातार बढ़ रहा है. कंपनियां अब केवल AI तकनीक का इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई जगहों पर AI क्षमताओं को विकसित करने और इससे जुड़े विशेषज्ञों को तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है.
7,800 प्रोफेशनल्स AI और डेटा से जुड़े कामों में
रिटेल और कंज्यूमर जीसीसी में इस समय AI और डेटा से जुड़े प्रमुख कामों में करीब 7,800 प्रोफेशनल्स काम कर रहे हैं. वहीं, 2025 में AI और डेटा टैलेंट के लिए करीब 990 पदों की मांग दर्ज की गई थी. यह आंकड़ा बताता है कि रिटेल सेक्टर में AI और डेटा से जुड़े कौशल की जरूरत लगातार बढ़ रही है. आने वाले समय में कंपनियों के AI आधारित कामकाज के विस्तार के साथ इस तरह के टैलेंट की मांग और बढ़ने की उम्मीद है.
180 GCC के आकलन में सामने आई स्थिति
टीमलीज डिजिटल की रिपोर्ट में कुल 180 GCC का आकलन किया गया. इनमें टॉप 50 मेगा रिटेल GCC में से सिर्फ 22 में AI क्षमताएं विकसित पाई गईं. इसका मतलब है कि इन केंद्रों में कंपनियां सिर्फ AI टूल्स का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं, बल्कि AI से जुड़ी क्षमताओं को खुद विकसित करने पर भी काम कर रही हैं. हालांकि, बड़ी संख्या में ऐसे GCC भी हैं जहां AI क्षमताओं को विकसित करने की गुंजाइश अभी बनी हुई है.
AI टैलेंट में बेंगलुरु सबसे आगे
भारत में रिटेल GCC के AI टैलेंट पूल में बेंगलुरु की हिस्सेदारी 54 फीसदी है. शहर में करीब 4,200 प्रोफेशनल्स AI से जुड़े काम कर रहे हैं. हालांकि, 8 साल से ज्यादा अनुभव वाले सीनियर AI लीडर्स की संख्या पूरे देश में काफी सीमित है और ये कुछ चुनिंदा शहरों तक ही केंद्रित हैं. बेंगलुरु के बाद दिल्ली-NCR दूसरे स्थान पर है, लेकिन AI टैलेंट के मामले में वह बेंगलुरु से काफी पीछे है. इसके बाद हैदराबाद का स्थान है.
वहीं, चेन्नई, मुंबई और पुणे में से प्रत्येक शहर में 8 साल से ज्यादा अनुभव वाले सीनियर AI लीडर्स की संख्या 20 से कम है. रिपोर्ट के मुताबिक, 8 या उससे ज्यादा साल का अनुभव रखने वाले सीनियर AI टैलेंट का पूल पूरे देश में सिर्फ 320 प्रोफेशनल्स का है. इनमें से करीब दो-तिहाई यानी 63 फीसदी, लगभग 202 प्रोफेशनल्स, AI इंजीनियरिंग के लीड लेवल पर हैं. इस समूह का औसत अनुभव करीब 9 साल है.
AI और डेटा डायरेक्टर्स की हिस्सेदारी 22 फीसदी
सीनियर AI टैलेंट के इस समूह में AI/डेटा डायरेक्टर्स की हिस्सेदारी 22 फीसदी है. वहीं, सबसे वरिष्ठ स्तर पर काम करने वाले AI आर्किटेक्ट्स और प्रिंसिपल साइंटिस्ट्स की हिस्सेदारी सिर्फ 15 फीसदी है. रिपोर्ट के अनुसार, इस श्रेणी में पूरे देश में करीब 47 प्रोफेशनल्स आते हैं और इनका औसत अनुभव 14 साल से ज्यादा है. रिपोर्ट में GenAI Specialists को सीनियर AI टैलेंट वाले समूह से अलग रखा गया है.
इन विशेषज्ञों का औसत अनुभव करीब 5 साल है. रिपोर्ट के अनुसार, GenAI Specialists अब AI टैलेंट स्ट्रक्चर में एक अलग और तेजी से उभरता हुआ हिस्सा बन रहे हैं. इससे संकेत मिलता है कि रिटेल GCC में AI और डेटा से जुड़े कामों के साथ-साथ जनरेटिव AI विशेषज्ञता की भी भूमिका लगातार बढ़ रही है.
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