Earthquake: म्यांमार में शुक्रवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए. जिसकी 4.0 तीव्रता दर्ज की गई. यह झटका नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार 15 मई 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह 9:22 बजे आया और इसकी गहराई लगभग 106 किलोमीटर थी. भूकंप का केंद्र 25.028° उत्तरी अक्षांश और 94.958° पूर्वी देशांतर पर स्थित बताया गया, जो म्यांमार के भीतर आता है.
पहले से ही सक्रिय भूकंपीय जोन
भूकंप का केंद्र मध्यम गहराई पर था, इसलिए सतही भूकंपों की तुलना में इसका सतही प्रभाव आमतौर पर अपेक्षाकृत कम होता है, हालांकि यह क्षेत्र पहले से ही सक्रिय भूकंपीय जोन में आता है. राहत की बात यह रही कि इस भूकंप के कारण किसी तरह की जानमाल की खबर नहीं आई है. इससे पहले 19 मई को म्यांमार में रिक्टर पैमाने पर 3.9 तीव्रता का भूकंप आया था.
घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए जोखिम
म्यांमार टेक्टोनिक रूप से बेहद सक्रिय क्षेत्र है, क्योंकि यह चार प्रमुख प्लेटों-भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट-के बीच स्थित है. इसके भीतर से लगभग 1400 किलोमीटर लंबा Sagaing Fault गुजरता है, जो देश के कई घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए भूकंपीय जोखिम बढ़ाता है. इस क्षेत्र में भूकंप जोखिम का आकलन United States Geological Survey जैसे वैज्ञानिक संस्थान करते हैं, जो भूकंपों को उनकी गहराई के आधार पर उथला (0-70 किमी), मध्यवर्ती (70-300 किमी) और गहरा (300-700 किमी) वर्गों में बांटते हैं.
3500 से अधिक लोगों की हुई थी मृत्यु
म्यांमार के प्रमुख शहरों-जैसे Naypyidaw, सगाइंग, मांडले और यांगून-के आस-पास भूकंपीय खतरा अधिक माना जाता है, क्योंकि ये क्षेत्र सक्रिय फॉल्ट सिस्टम के करीब या उसके प्रभाव क्षेत्र में हैं. कुल मिलाकर यह भूकंप 4.0 तीव्रता का होने के कारण हल्का माना जाता है, लेकिन क्षेत्र की भूगर्भीय स्थिति इसे लगातार भूकंप जोखिम वाला इलाका बनाती है. मार्च की शुरुआत में म्यांमार में 7.7 और 6.4 तीव्रता के भूकंप आए थे, जिससे व्यापक क्षति हुई थी और 3500 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई थी.
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