Good News: अब झाड़ियों और नालियों में नहीं मिलेंगे अनवांटेड बच्चे, ‘नवजात’ को ‘यमराज’ से बचाएगी ये पहल

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नई दिल्ली: देश में कई स्थानों से ये खबरें आती हैं कि लावारिश नवजात मिले हैं. इन अनचाहे बच्चों (Unwanted Babies) को लोग छोड़कर चले जाते हैं. बड़ी किस्मत वाले कुछ ऐसे बच्चे होते हैं, जो बच पाते हैं. उनकी जान बच गई तो कोई न कोई उन्हें गोद लेता है, लेकिन अधिकतर बच्चे इस दुनिया में आने के साथ ही मौत के मुंह में जाते हैं.

इस तरह की घटनाएं कम हों, इसको लेकर यूपी के प्रयागराज में एक नई पहल शुरू की गई है. इसके तहत अगर कोई अपने अनचाहे बच्चे को नहीं रखना चाहे, तो वो एक निर्धारित स्थान पर रख सकता है. ऐसे लोगों की पहचान भी गुप्त रखी जाएगी. इस पहल से एक तो बच्चों की जान बच जाएगी और ऐसे अचाहे बच्चों को उनके हिस्से की जिंदगी मिल पाएगी.

एक नई पहल
दरअसल, प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल (Swaroop Rani Nehru Hospital) में आश्रय पालन स्थल शुरू किया गया है. इसका हाल ही में उद्घाटन भी किया गया. इस आश्रय स्थल का मकसद ये है कि अगर किसी को अनचाहा बच्चा नहीं चाहिए, तो वो इस आश्रय घर में लाकर छोड़ सके न की झाड़ियों या नाली में नवजात को फेंक कर चला जाए. बच्चों के रखने के लिए पालना लगाया गया है. यहां बच्चे को सुरक्षित रखा जा सकता है, जो भी अपने बच्चे को वहां पर रखकर जाएगा उससे कोई सवाल नहीं किया जाएगा. साथ ही उसकी जानकारी भी गुप्त रखी जाएगी. आपको बता दें कि आश्रय पालन स्थल के उद्घाटन समारोह में सांसद केशरी देवी पटेल शामिल हुईं.

जानिए कैसे काम करेगा आश्रय गृह
दरअसल, ये आश्रय घर स्वारूप रानी नेहरू हॉस्पिटल के लेबर वार्ड के पास बनाया गया है. यहां एक पालना रखा गया है. इस पालने में जैसे ही कोई अपने बच्चे को रखेगा, उसमें लगा सेंसर एक्टिवेट हो जाएगा. इसके 2 मिनट बाद लेबर रूम में अलार्म बजेगा. जानकारी मिलते ही बच्चे को डॉक्टर अपने अंडर में लेकर उसका मेडिकल परीक्षण कराएंगे. मेडिकल जांच के बाद बच्चे को राजकीय शिशु गृह में भेज दिया जाएगा. आपको बता दें अपने तरह का ये पहला आश्रय गृह उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज में बनाया गया है. जानकारी के मुताबिक आने वाले दिनों में इस योजना के तहत देश भर के 75 स्थानों पर ऐसे आश्रय गृह बनाने का प्लान है.

मामले में स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल के प्रिंसिपल ने दी जानकारी

इस मामले में स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल के प्रिंसिपल डॉ. एसपी सिंह ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस आश्रय गृह का मुख्य उद्देश्य है एक जिंदगी को बचाने का. जैसे अन्य असहाय लोगों की मदद करने का काम करते हैं, वैसे ही अगर नवजातों को बचाने का बीड़ा उठाया है. उन्होंने कहा, ‘ये हमारे लिए खुशी की बात है कि हम भी समाज के हित के लिए काम कर पाएंगे. इस आश्रय गृह से हम नवजातों को अच्छी सुविधा देने का काम करेंगे.’ दरअसल, इस पहल से अब झाड़ियों और नालियों में अनवांटेड बच्चे नहीं मिलेगें साथ ही अनचाहे बच्चों को यमराज से भी बचाना मुमकिन हो पाएगा.

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