Bangladesh: मिट रही बंगबंधु की यादें… यूनुस सरकार ने स्टेडियम से हटाया मुजीबुर रहमान का नाम

Raginee Rai
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Bangladesh: बांग्‍लादेश में यूनुस सरकार बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान और उनके परिवार की यादें मिटाने में लगी है. बांग्लादेश में पहले बंगबंधु रहमान की मूर्ति तोड़ दी गई. फिर धानमंडी भवन को धराशायी कर दिया गया. अब मोहम्‍मद यूनुस ने बंगबंधु स्टेडियम का नाम बदल दिया गया. अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम से बंगबंधु का नाम हटाकर उसका नाम बदलकर राष्ट्रीय स्टेडियम ढाका रखा गया है.

स्टेडियम से बंगबंधु का नाम हटा

यह पहली बार है जब बांग्लादेश में किसी इंटरनेशनल स्टेडियम का नाम बदल दिया गया है. शनिवार को मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में समन्वयकों की बैठक हुई. बांग्लादेशी मीडिया सूत्रों के मुताबिक, बैठक के बाद स्टेडियम का नाम बदला गया. बांग्लादेश की राष्ट्रीय खेल परिषद के सचिव अमीनुल इस्लाम द्वारा जारी अधिसूचना में स्टेडियम के नाम परिवर्तन का ऐलान किया गया. जारी अधिसूचना के मुताबिक, स्टेडियम का नया नाम बदलकर ढाका नेशनल स्टेडियम कर दिया गया है.

शेख हसीना ने रखा था बंगबंधु राष्ट्रीय स्टेडियम का नाम

बता दें कि यह स्टेडियम 1954 में बना था. इस स्टेडियम का मूल नाम ढाका स्टेडियम था. यहां क्रिकेट और फुटबॉल दोनों मैच होते थे. पूर्वी पाकिस्तान से अलग होकर बांग्लादेश राज्य की स्थापना के बाद भी, मुक्केबाज मुहम्मद अली ने 1978 में इस स्टेडियम में एक प्रदर्शनी मैच खेला था. 1998 में शेख हसीना की सरकार ने इस स्टेडियम का नाम बदलकर बंगबंधु राष्ट्रीय स्टेडियम रख दिया था. बांग्लादेश ने 2000 में क्रिकेट की दुनिया में एंट्री की और अपना पहला टेस्ट मैच इसी स्टेडियम में खेला था.

मालूम होकि बांग्लादेश में हिंसक छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना ने 5 अगस्त को अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया था. हसीना देश छोड़कर भागने के लिए बाध्य हुई थीं. फिलहाल वह भारत में शरण ले रखी हैं. शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद बांग्‍लादेश की सत्‍ता नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस हाथ में है.

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