Washington: 17 मिलियन डॉलर ड्रग तस्करी मामले में कनाडा के गुरमीत सिद्धू ने अमेरिका की अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया है. सिद्धू को अक्टूबर 2024 में कनाडा से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था. इसके बाद से वह अमेरिकी फेडरल कस्टडी में है. इस मामले में उसे कम से कम 20 साल की जेल हो सकती है, जबकि अधिकतम सजा उम्रकैद तक हो सकती है. अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने की तारीख जुलाई 2026 तय की गई है.
अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का सरगना है गुरमीत
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार कनाडा के ब्रैम्पटन शहर के रहने वाले 62 वर्षीय गुरमीत सिद्धू एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का सरगना था, जो अमेरिका से कनाडा तक भारी मात्रा में मेथामफेटामाइन और कोकीन की तस्करी करता था. जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क सीमा पार काम करता था और इसमें कई लोग शामिल थे. अमेरिका से ड्रग्स की बड़ी खेप कनाडा भेजी जाती थी, जहां इसे आगे सप्लाई किया जाता था.
गुरमीत के निर्देश पर चल रहा था अवैध कारोबार
अधिकारियों के मुताबिक, सिद्धू इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक था और उसी के निर्देश पर यह अवैध कारोबार चल रहा था. अब अदालत में उसने Continuing Criminal Enterprise (CCE) जैसे गंभीर आरोप में दोष स्वीकार कर लिया है, जिसे अमेरिका में बेहद गंभीर अपराध माना जाता है.
कनाडा ने खुद इस मामले में केस क्यों नहीं चलाया?
यह सवाल भी उठ रहा है कि कनाडा ने खुद इस मामले में केस क्यों नहीं चलाया? कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मुख्य कारण यह है कि अपराध का बड़ा हिस्सा अमेरिका में हुआ और वहां की एजेंसियों के पास ज्यादा मजबूत सबूत मौजूद थे. इसके अलावा अमेरिका और कनाडा के बीच प्रत्यर्पण संधि होने के कारण आरोपी को वहां ट्रायल के लिए भेजा गया.
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