सीजन का पहला महातूफान ‘इसायास’ रात के अंधेरे में लेगा विकराल रूप, करीब 50 हजार लोगों पर टूटेगी 177KM स्पीड वाली आफत

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Hurricane Isaias: मॉनसून सीजन के बीत जाने के बाद भी कुदरत का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है. दरअसल, हाल ही में इस सीजन का पहला महातूफान ‘इसायास’ विकराल रूप ले रहा है, जिसे लेकर वैज्ञानिकों ने भी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि ये हरीकेन रात के अंधेरे में सबसे ज्यादा पावरफुल हो जाएगा, जो 177KM की भयानक रफ्तार के साथ 50 हजार से ज्यादा लोगों पर कहर बनकर बरसने वाला है. इस दौरान तूफानी हवाओं, मूसलाधार बारिश के साथ 7 फीट ऊंची समुद्री लहरें इस तूफान का और खौफनाक बनाने वाली हैं.

कहां से उठी ये आफत और कहां मचाएगी तबाही?

बता दें कि ये तबाही वाला तूफान अटलांटिक महासागर से उठा है, जिसका नाम ‘इसायास’ रखा गया है. समुद्र के बेहद गर्म पानी से लगातार ऊर्जा हासिल कर ये चक्रवात अब एक भयंकर हरिकेन में बदल चुका है और अमेरिका के मेक्सिको की खाड़ी की ओर तेजी से बढ़ रहा है. इस महातूफान की सीधी दस्तक फ्लोरिडा, अलबामा और मिसिसिपी जैसे राज्यों में होने जा रही है. इस दौरान खतरे को देखते हुए तटीय इलाकों पर रहने वालें लाखों लोगों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है और कई जिलों में तुरंत जगह खाली करने के सख्त आदेश दे दिए गए हैं.

टूटा कई सालों का रिकॉर्ड

वैज्ञानिकों के मुताबिक तूफान ‘इसायास’ ने इस बार एक नया रिकॉर्ड तोड़ डाला है. आमतौर पर अटलांटिक बेसिन में सीजन का पहला हरिकेन सितंबर के महीने में बनता है. इससे पहले साल 2002 में ‘गुस्ताव’ और 2013 में ‘हुमबर्टो’ नाम के हरिकेन 11 सितंबर को दर्ज किए गए थे, लेकिन इस बार ‘इसायास’ ने समय से काफी पहले ही भयानक रूप ले लिया है. ऐसे में वैज्ञानिकों का कहना है कि मेक्सिको की खाड़ी का पानी इस वक्त उम्मीद से कहीं ज्यादा गर्म है, जो इस चक्रवात को लगातार ईंधन दे रहा है और इसे दिन-ब-दिन आक्रामक बनता जा रहा है.
नेशनल हरिकेन सेंटर की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इसायास के केंद्र में हवाओं की रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटा (80 mph) तक पहुंच चुकी है. जैसे-जैसे ये जमीनी इलाके के पास पहुंचेगा, इसकी रफ्तार 177 किलोमीटर प्रति घंटा को पार कर सकती है, जिससे ये ‘कैटेगरी 2’ का एक विनाशकारी हरिकेन बन जाएगा. रात के समय जब ये तट से टकराएगा, तो हवाओं का ये प्रचंड दबाव पेड़ों को उखाड़ फेंकेगा, बिजली के खंभे ध्वस्त कर देगा और सैकड़ों मील अंदर तक बिजली सप्लाई ठप कर देगा.

समुद्र में उठेंगी 7 फीट ऊंची लहरें

हवाओं की गति के साथ-साथ सबसे बड़ा खतरा समुद्र की लहरों से है, जिसे मौसम की भाषा में ‘स्टॉर्म सर्ज’ कहा जाता है. तेज हवाएं समुद्र के पानी को किनारे की तरफ धकेलेंगी, जिससे अलबामा, मिसिसिपी और फ्लोरिडा के तटों पर सामान्य से 5 से 7 फीट ऊंची लहरें उठेंगी. अगर ये लैंडफॉल हाई टाइड के वक्त होता है, तो तटीय बस्तियां और सड़कें जलमग्न हो जाएंगी. इसके अलावा इलाकों में 3 से 10 इंच तक मूसलाधार बारिश होने की आशंका है, जिससे अचानक बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ गया है.

तटीय बस्तियां कराई जा रही हैं खाली

हालात की गंभीरता को देखते हुए फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डिसेंटिस ने राज्य की 25 काउंटी में इमरजेंसी का ऐलान कर दिया है. वहीं अलबामा की गवर्नर के आईवी ने भी 40 जिलों में स्टेट ऑफ इमरजेंसी लागू कर दी है. अलबामा के मशहूर डॉफिन आइलैंड में समुद्र किनारे बने 400 से ज्यादा हॉलिडे कॉटेज और मकानों को खाली कराया जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि निचले इलाकों में रहने वाला हर शख्स तुरंत सुरक्षित ठिकानों की तरफ चला जाए, क्योंकि तूफान के टकराने के बाद बचने का कोई मौका नहीं मिलेगा.

नेशनल श्रिंप फेस्टिवल रद्द

अलबामा का खूबसूरत टूरिस्ट शहर ‘गल्फ शोर्स’ इस वक्त सबसे नाजुक मोड़ पर खड़ा है. यहां सालाना ‘नेशनल श्रिंप फेस्टिवल’ का आयोजन चल रहा था, जिसकी वजह से शहर की आम 18 हजार की आबादी बढ़कर 50 हजार के पार पहुंच गई थी. तूफान की चेतावनी मिलते ही फेस्टिवल को तुरंत रद्द कर दिया गया. प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन 50 हजार पर्यटकों को समय रहते बाहर निकालना है. अगर सब एक साथ निकले तो पुलों और सड़कों पर ट्रैफिक जाम लग सकता है, इसलिए गैर-निवासियों से तुरंत शहर छोड़ने को कहा गया है. समुद्र में ‘डबल-रेड फ्लैग’ लगाकर पानी में उतरने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.

तेल कंपनियों ने रोका प्रोडक्शन

इस महातूफान का असर दुनिया के ऊर्जा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है. मेक्सिको की खाड़ी में स्थित तेल और गैस के ऑफशोर प्लेटफॉर्म्स से कर्मचारियों को निकालने का काम तेजी से जारी है. दिग्गज तेल कंपनियों जैसे शेवरॉन, शेल और बीपी ने एहतियात के तौर पर अपने कई बड़े प्लेटफॉर्म्स पर प्रोडक्शन पूरी तरह बंद कर दिया है. शेल ने अपने मार्स, ओलंपस और अर्सा जैसे प्रमुख ठिकानों से अपने कर्मचारियों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है.

रात के अंधेरे में बवंडर का सबसे ज्यादा खतरा

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे डरावनी बात ये है कि इसायास के पूर्वी हिस्से में शुक्रवार रात से शनिवार तड़के के बीच भयंकर बवंडर उठने की आशंका है. रात के अंधेरे में आने वाले टॉरनेडो दिन के मुकाबले दोगुना ज्यादा जानलेवा साबित होते हैं, क्योंकि लोग सोते समय चेतावनियां नहीं सुन पाते और अंधेरे में बवंडर को देख पाना मुमकिन नहीं होता. इसीलिए मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल में लाउड इमरजेंसी अलर्ट चालू रखें और वेदर रेडियो अपने पास रखकर ही सोएं.
हालांकि कुदरत की इस विशालकाय आफत से निपटने के लिए पूरा उत्तरी गल्फ कोस्ट हाई अलर्ट पर है. तूफानी हवाओं का सिलसिला शुरू हो चुका है और अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि रात के सन्नाटे में जब ये महातूफान टकराएगा, तो तबाही का मंजर कितना खौफनाक होगा.
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