अब भारत में बनेंगे यूनिकॉर्न नौसैनिक कम्युनिकेशन मास्ट, जापान के साथ हुई पहली रक्षा सह-विकास डील 

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

India-Japan relations: भारत और जापान ने रक्षा क्षेत्र में संयुक्त रूप से उपकरण विकसित करने के लिए अपना पहला द्विपक्षीय समझौता किया है, जिसे दोनों देशों के बीच तेजी से मजबूत हो रही रणनीतिक और सुरक्षा साझेदारी की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. जापान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते के तहत पहला संयुक्त प्रोजेक्ट यूनिकॉर्न (यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना) शिपबोर्न कम्युनिकेशन मास्ट के विकास और लाइसेंस प्राप्त उत्पादन पर केंद्रित होगा। यह एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड मास्ट सिस्टम है, जिसे जापान की एनईसी कॉर्पोरेशन ने विकसित किया है.

दोनो देशो के बीच हुए इस समझौते के तहत भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) जापानी साझेदारों के सहयोग से इस सिस्टम का निर्माण भारत में करेगी. इस परियोजना के लिए जापान डिजाइन और मुख्य तकनीक उपलब्ध कराएगा, जबकि केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारत सिस्टम इंटीग्रेशन, स्थानीयकरण और उत्पादन का कार्य करेगा.

हालांकि यूनिकॉर्न सिस्टम मूल रूप से एनईसी ने विकसित किया है, लेकिन भारत इसमें अपने स्वदेशी सेंसर और एंटीना भी जोड़ेगा, जिससे इसे भारतीय नौसेना के युद्धपोतों पर तैनात किया जा सके. भविष्य में यह इंटीग्रेटेड मास्ट भारतीय नौसेना के मौजूदा संचार और सेंसर मास्ट सिस्टम की जगह लेगा.

भारत को यूनिकॉर्न मल्टी-फंक्शनल मास्ट के निर्यात का समझौता

दरअसल, भारत पिछले कई सालों से इस तकनीक को हासिल करने में रुचि दिखा रहा था. नवंबर 2024 में दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत भारत को यूनिकॉर्न मल्टी-फंक्शनल मास्ट के निर्यात का समझौता हुआ था. उसी समझौते ने अब इस संयुक्त विकास परियोजना का रास्ता तैयार किया है.

यूनिकॉर्न, जिसे नोरा-50 के नाम से भी जाना जाता है, को एनईसी कॉर्पोरेशन, साम्पा कोग्यो के.के. और द योकोहामा रबर कंपनी लिमिटेड ने मिलकर जापान के मोगामी-क्लास फ्रिगेट्स के लिए विकसित किया था. यह एक इंटीग्रेटेड मास्ट सिस्टम है, जिसमें जहाज पर अलग-अलग लगे कई संचार, निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध से जुड़े एंटीना को एक ही संरचना में समाहित किया गया है, जिससे जहाज के ऊपरी हिस्से पर लगे बाहरी एंटीना की संख्या कम हो जाती है.

मास्ट में शामिल है ये प्रणालियां

इस मास्ट में ओम्नीडायरेक्शनल सर्विलांस रडार एंटीना, इलेक्ट्रॉनिक सपोर्ट मेजर्स (ईएसएम) एंटीना, वाई-फाई और लिंक-16 एंटीना, यूएचएफ ट्रांसमिट और रिसीव एंटीना, आईडेंटिफिकेशन फ्रेंड-ऑर-फो (आईएफएफ) सिस्टम, वीएचएफ/यूएचएफ कम्युनिकेशन एंटीना, टैक्टिकल नेविगेशन सिस्टम और लाइटनिंग कंडक्टर जैसी कई आधुनिक प्रणालियां शामिल हैं. इस इंटीग्रेटेड डिजाइन से जहाज पर जगह का बेहतर उपयोग होता है, रखरखाव (मेंटेनेंस) आसान हो जाता है और जहाज का रडार क्रॉस सेक्शन भी कम होता है. इससे युद्धपोत की स्टील्थ क्षमता बढ़ती है और दुश्मन के लिए उसे रडार पर पहचानना अधिक कठिन हो जाता है.

यूनिकॉर्न सिस्टम का विकास 2015-16 के दौरान किया गया था, जबकि इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन 2018 में शुरू हुआ. इसे पहली बार 2019 में जापान के मोगामी-क्लास फ्रिगेट्स पर लगाया गया था.

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