ईरान की संसद के स्पीकर के बयान से मची हलचल, बोले- हमारे एक द्वीप पर कब्जा…

Iran island threat : ईरान की संसद के स्पीकर मुहम्मद बाग़ैर ग़ालिबफ ने अमेरिका और इजरायल के साथ जारी जंग के बीच बड़ा बयान दिया है. इस मामले को लेकर ग़ालिबफ का कहना है कि उन्हें खुफिया रिपोर्ट्स मिली हैं, जिनमें दुश्मन देशों के एक ईरानी द्वीप पर कब्जा करने की तैयारी का पता चला है. इसके साथ ही उन्‍होंने ये भी कहा कि ईरान अपने दुश्मनों की सभी गतिविधियों पर नजर रख रहा है. ऐसे में X पर पोस्‍ट के दौरान ग़ालिबफ ने लिखा कि ‘कुछ खुफिया रिपोर्ट्स के आधार पर पता चला है कि ईरान के दुश्मन एक क्षेत्रीय देश की मदद से ईरान के एक द्वीप पर कब्जा करने की तैयारी कर रहे हैं.’

इस मामले का लेकर ग़ालिबफ का कहना है कि ‘हमारी सेनाएं दुश्मनों की सभी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं. उनका कहना है कि अगर उन्होंने कोई कदम उठाया कि तो उस क्षेत्रीय देश के सभी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर लगातार और बिना रुके हमले किए जाएंगे.’ प्राप्‍त जानकारी के अनुसार ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरगची ने भी कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने मुख्य युद्ध लक्ष्यों को हासिल करने में नाकाम रहा है.

अमेरिका भेज रहा और भी ज्यादा सैनिक

इसके साथ ही पेंटागन ने उत्तरी कैरोलिना स्थित अपने बेस से अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के 2000 अतिरिक्त सैनिकों को मध्‍य पूर्व भेजने का आदेश दिया है. इसके अलावा, प्रशांत महासागर के दोनों तरफ से 2 मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट्स भी रवाना हो रही हैं. जानकारी के मुताबिक, जापान से ट्रिपोली एंफीबियस रेडी ग्रुप और सैन डिएगो से बॉक्सर एंफीबियस रेडी ग्रुप आ रहा है. इतना ही नही बल्कि इन अतिरिक्त सैनिकों के आने से मध्य पूर्व में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों के साथ 6,000 से 7,000 मरीन और नाविकों की संख्या बढ़ जाएगी.

इराक युद्ध के बाद से अमेरिका की सबसे बड़ी तैनाती

मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि यह 2003 के इराक युद्ध के बाद से अमेरिका की सबसे बड़ी तैनाती है, जब उसने 1,60,000 सैनिक भेजे थे. फिलहाल बताया जा रहा है कि अभी किसी जमीनी अभियान का आदेश नहीं दिया गया है, लेकिन तैनात सैनिकों की संख्या और अमेरिकी अधिकारियों के बयानों से कम से कम 3 संभावित परिदृश्य सामने आ रहे हैं. माना जा रहा है कि ये हैं खार्ग द्वीप पर कब्जा या उसका घेराव, ईरान के तट को साफ करके हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और सबसे बड़े परिदृश्य में ईरान की परमाणु सामग्री को सुरक्षित करना. ईरान की ओर से सख्त चेतावनी और अमेरिका की बड़ी सैन्य तैनाती के बीच मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है.

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