Iran US war: जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए भीषण ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमले के बाद अमेरिका बौखलाया हुआ है. ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा और आक्रामक सैन्य अभियान शुरू कर दिया है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है, वहीं दुनिया भर में रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.
बता दें कि इस पूरे तनाव की शुरुआत जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी सैन्य बेस पर हुए हमले से हुई. अमेरिकी सेना ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि ईरान की ओर से किए गए हमले में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इसके अलावा एक अमेरिकी सैनिक अभी भी लापता है.
ईरान को कभी नहीं बनने देंगे परमाणु ताकत’
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों की मौत को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि “जो कुछ भी हुआ, उसे देखकर हमें बेहद नफरत और दुख होता है. इन सैनिकों ने देश की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है.” इस दौरान ट्रंप ने ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए अपने पुराने संकल्प को फिर दोहराया. उन्होंने स्पषट रूप से कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा.
अमेरिका ने ईरान पर किया ताबड़तोड़ हमला
वहीे, जॉर्डन में अपने सैनिकों के मौत का बदला लेने के लिए अमेरिका ने बिना कोई वक्त गंवाए सीधे ईरान पर धावा बोल दिया. अमेरिकी सेंट्रल कमांडर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि “कमांडर-इन-चीफ (राष्ट्रपति) के सीधे आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नए और विनाशकारी हवाई हमले शुरू कर दिए हैं, जिसके दो मुख्य उद्देश्य हैं. पहला स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में कमर्शियल जहाजों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को ईरान के खतरों से सुरक्षित करना. औऱ दूसरा ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के उन ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद करना, जिन्होंने जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला किया था.”
दुनिया भर में अलर्ट
दरअसल, अमेरिकी रक्षा विभाग अब ईरान के खिलाफ एक बड़े और व्यापक युद्ध स्तर के अभियान की तैयारी कर रहा है. जॉर्डन का यह हमला अब ईरान के खिलाफ अमेरिका के एक बहुत बड़े सैन्य अभियान का ट्रिगर पॉइंट बन चुका है. इस तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने दुनिया भर में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एक ग्लोबल ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है.
विदेश मंत्रालय ने खास तौर से चेतावनी दी है कि ईरान समर्थक आतंकवादी संगठन या ग्रुप दुनिया के किसी भी कोने में अमेरिकी हितों, दूतावासों या अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना सकते हैं. इसलिए सभी नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है.