New Delhi: इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के हमले में हिज़्बुल्लाह का वरिष्ठ आर्टिलरी कमांडर अली नूर अल-दीन मारा गया है. लेबनान के तटीय शहर टायर में फोर्सेज ने जारदार राकेट दागे थे. IDF के मुताबिक कमांडर अली नूर अल-दीन दक्षिणी लेबनान के एक गांव से संचालित हिज़्बुल्लाह की आर्टिलरी यूनिट का प्रमुख था और रॉकेट व तोपखाने से जुड़े अभियानों की जिम्मेदारी संभालता था.
इजरायल पर कई हमलों की बनाई थी योजना
इस हमले पर अभी तक हिज़्बुल्लाह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. वहीं इजरायली सेना का कहना है कि अली नूर अल-दीन ने युद्ध के दौरान इजरायल पर कई हमलों की योजना बनाई और उन्हें अंजाम दिया. हाल के दिनों में दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह की रॉकेट क्षमता को फिर से खड़ा करने में अहम भूमिका निभा रहा था. IDF के अनुसार उसका मकसद इजरायल के उत्तरी इलाकों पर दोबारा हमले करने की तैयारी करना था.
लेबनान के बीच हुए समझौतों का सीधा उल्लंघन
IDF ने बयान में कहा कि अली नूर अल-दीन की गतिविधियां इजरायल और लेबनान के बीच हुए समझौतों का सीधा उल्लंघन थीं. सेना के मुताबिक सीमा के पास हथियारबंद गतिविधियां और रॉकेट तैनाती इन समझौतों के खिलाफ हैं. टायर लेबनान का एक महत्वपूर्ण तटीय शहर है और यहां इस तरह की कार्रवाई को इजरायल की ओर से हिज़्बुल्लाह पर दबाव बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.
इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच तनाव बढ़ा
हाल के महीनों में इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच तनाव लगातार बढ़ा है और सीमा क्षेत्रों में हमले व जवाबी कार्रवाई जारी है. इस हमले के बाद दक्षिणी लेबनान और इजरायल सीमा पर तनाव और बढ़ सकता है. हिज़्बुल्लाह की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका भी जताई जा रही है. हालांकि इस हमले पर अभी तक हिज़्बुल्लाह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
इसे भी पढ़ें. Pariksha Pe Charcha: छात्रों के साथ PM Modi ने किया संवाद, दिए सवालों के जवाब