Marco Rubio: अटलांटा में G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया कि ईरान उन जहाजों पर हमले कर रहा है जिन पर भारतीय नाविक सवार हैं. उन्होंने ईरान पर आरोप लगाते हुए कहा कि ईरानी शासन व्यावसायिक जहाजों को निशाना बना रहा है, जिनमें भारतीय नाविकों और तेल ले जाने वाले जहाज भी शामिल हैं.
मार्को रूबियों का ये बयान अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि ‘इंटरनेशनल वाटर में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही दुनिया की आजीविका के लिए बहुत जरूरी है और हम उन हमलों को देख रहे हैं. आज हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां ईरानी शासन खुले तौर पर व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाता है.’
खुलेआम जहाजों पर हमला कर रहा ईरान
उन्होंने आगे कहा कि ‘हम नौसैनिक जहाजों या पनडुब्बियों की बात नहीं कर रहे हैं. हम उस स्थिति की बात कर रहे हैं जहां ईरान कहता हैं कि यह रहा एक कमर्शियल जहाज, जिसमें कार्गो, तेल और प्राकृतिक गैस लदी है और हम इसे डुबोने की कोशिश करेंगे. वो खुलेआम जहाजों पर हमला कर रहे हैं और इसे अपनी रणनीतिक चाल के एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं. आज हम ऐसी ही दुनिया में रह रहे हैं और मुझे लगता है कि सेंट्रल कमांड और अमेरिका ने इन जहाजों की सुरक्षा के लिए बहुत बेहतरीन काम किया है.
भारतीय वाणिज्यिक जहाजों को उड़ा रहा ईरान- अमेरिकी विदेश मंत्री
‘ईरान के मामले में G20 के सामने कूटनीतिक प्रयासों को लेकर आपका क्या संदेश था? ईरान के साथ कतर समर्थित इन वार्ताओं को सफल होने का मौका देने के लिए आप कितना समय दे रहे हैं जिसके बाद आप शायद फिर से सैन्य अभियान शुरू कर सकते हैं?’ इन सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए मार्को रुबियो ने कहा कि ‘देखिए बहुत सीधी सी बात है. ईरान जहाजों को उड़ा रहा है. इनमें वे जहाज भी शामिल हैं जिन पर भारतीय नाविक सवार हैं और वे जहाज भी जिनमें ऐसी ऊर्जा (ईंधन) लदी है जो उस मेज (जी-20) पर मौजूद देशों के लिए भेजी जा रही है. हम आज ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां एक देश या यूं कहें कि एक शासन खुलेआम कह रहा है कि हम कमर्शियल जहाजों को उड़ा देंगे. जरा इस बारे में सोचिए! सोचिए कि हम कैसी दुनिया में जी रहे हैं. यह बात 80 या 100 साल पुरानी किसी घटना जैसी लगती है. लेकिन ऐसा हो रहा है और वहां मौजूद हर देश के सामने एक चुनौती खड़ी हो गई है.’
वहीं अमेरिका ईरान के बीच की बातचीच को लेकर मार्को रुबियो ने कहा कि ‘मुझे नहीं पता कि इसके लिए कोई समय-सीमा तय है या नहीं. इस तरह के मामलों में फैसले लेना राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में आता है. कई स्तरों पर बातचीत चल रही है. असल में बातचीत कभी रुकी ही नहीं. लगातार बातचीत हो रही है कभी सीधे तौर पर तो कभी बिचौलियों के जरिए.’

