टैरिफ को लेकर नील कत्याल ने ट्रंप को जमकर सुनाया, बोले- हमारे संविधान में कहा गया कि…

Must Read

Neal Katyal : टैरिफ को लेकर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से डोनाल्ड ट्रंप बौखला गए हैं. कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने एक बार फिर पूरी दुनिया पर टैरिफ बम फोड़ दिया है. बता दें कि पहले उन्‍होंने अतिरिक्त 10 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया था लेकिन महज 24 घंटे के अंदर ही इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है. ऐसे में ट्रंप के इस फैसले पर भारतीय-अमेरिकी वकील नील कत्याल ने सवाल उठाए हैं.

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्‍ट के दौरान बताया कि अमेरिकी तत्काल प्रभाव से दुनिया भर के देशों पर लागू 10 फीसदी टैरिफ को बढ़ाते हुए 15 प्रतिशत करने जा रहा है. इसके साथ ही अपना पुराना दावा दोहराया और कहा कि तमाम देश दशकों से अमेरिका का फायदा उठाते आ रहे हैं और टैरिफ से जुड़ा ये फैसला उसी का जवाब है.

सोशल मीडिया पर नील कत्याल ने किया पोस्‍ट

इसे लेकर नील कत्याल ने सोशल मीडिया के एक्‍स पर पोस्‍ट करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के लिए धारा 122 पर भरोसा करते हुए इसका सहारा लेना मुश्किल नजर आता है, उन्‍होंने बताया कि इसी मामले को लेकर अमेरिकी न्याय विभाग ने सुप्रीम कोर्ट को इसके विपरीत बताया था. इसके साथ ही जानकारी देते हुए उन्‍होंने बताया कि धारा 122 का कोई स्पष्ट अनुप्रयोग नहीं है, क्‍योंकि वह व्यापार घाटे से जुड़ी है और 122 धारा Balance-of-Payments Deficit जैसी अलग परिस्थिति के लिए है.

उन्हें अमेरिकी तरीका अपनाना चाहिए‘- कात्‍याल 

आगे उन्होंने यह भी कहा कि अगर राष्ट्रपति बड़े पैमाने पर ग्लोबल टैरिफ लगाना ही चाहते हैं तो उन्हें इसके लिए अमेरिकी तरीका अपनाना चाहिए. क्‍योंकि हमारे संविधान में भी यही कहा गया है कि अगर टैरिफ को लेकर ट्रंप के विचार इतने ही अच्छे हैं तो फिर उन्हें मानने में कांग्रेस को कोई भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए.

नील कात्‍याल का जीवन परिचय

बता दें कि वो भारतीय-अमेरिकी वकील हैं. टैरिफ को लेकर उनकी दलीलों ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप को चित कर दिया था. ऐसे में उन्‍होंने कोर्ट में कहा कि अमेरिकी संसद के पास व्यापार को विनियमित करने की शक्ति है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इस शक्ति को मनमाने ढंग से इस्तेमाल नहीं कर सकते. प्राप्‍त जानकारी के अनुसार इनका जन्म शिकागो में हुआ था और वो भारतीय अप्रवासी परिजन के बेटे हैं. इसके साथ ही कात्याल डार्टमाउथ कॉलेज और येल लॉ स्कूल से ग्रेजुएट हैं.

इसे भी पढ़ें :- द. कोरिया और चीन में नस्लीय भेदभाव का शिकार हुआ भारतीय कपल, 38 घंटे डिटेंशन कैंप में रखा, किया गया ब्लैकमेल!

Latest News

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में महसूस किए गए भूकंप के तेज झटके, रिक्टर पैमाने पर 4.6 रही तीव्रता

Jammu Kashmir Eathquake: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में रविवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर पैमाने पर...

More Articles Like This