Washington: अमेरिका ने साफ किया है कि फिलहाल वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिक तैनात नहीं हैं लेकिन जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति के पास सेना इस्तेमाल करने का पूरा अधिकार है. वेनेजुएला को लेकर अमेरिका की लॉन्ग टर्म रणनीति तैयार है, जिसमें ऊर्जा, सुरक्षा और कूटनीति तीनों शामिल हैं. व्हाइट हाउस ने इस पूरे मामले पर बयान जारी करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला की अंतरिम सरकार के साथ लगातार संपर्क में है.
वेनेजुएला पर लगाए गए सभी प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करेगा US
विदेश मंत्री मार्को रूबियो सीधे वेनेजुएला के अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं. व्हाइट हाउस के अनुसार अमेरिका के पास वेनेजुएला पर काफी दबाव और प्रभाव है और सभी फैसले अमेरिकी हितों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे. तेल टैंकर को लेकर अमेरिका ने साफ कहा वह वेनेजुएला पर लगाए गए सभी प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करेगा और जरूरत पड़ने पर जहाज के क्रू को अमेरिका लाया जा सकता है.
वेनेजुएला का तेल अमेरिका लाने की योजना
व्हाइट हाउस ने यह भी बताया कि अमेरिका वेनेजुएला और तेल उद्योग के साथ मिलकर एक बड़े समझौते पर काम कर रहा है. इस डील के तहत वेनेजुएला का तेल अमेरिका लाने की योजना है. इसके अलावा इस हफ्ते तेल कंपनियों के बड़े अधिकारी व्हाइट हाउस पहुंचेंगे. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनसे सीधी मुलाकात करेंगे. रूसी तेल टैंकर मरीनेरा की जब्ती उस समय हुई जब आइसलैंड के पास समुद्र में रूसी नौसेना की पनडुब्बी और कई युद्धपोत मौजूद थे.
बार-बार दिए गए निर्देशों को किया नजरअंदाज
अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि इस टैंकर को पकड़ना अचानक नहीं हुआ. इसे कई हफ्तों तक अटलांटिक महासागर में ट्रैक किया गया. अधिकारियों के अनुसार टैंकर पहले ही अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी से बचकर निकल चुका था. अमेरिकी तटरक्षक बल के बार-बार दिए गए निर्देशों को उसने नजरअंदाज किया और जहाज पर जांच के अनुरोध को भी ठुकरा दिया गया. पकड़े जाने के डर से टैंकर ने बीच समुद्र में अपनी पहचान छिपाने के लिए झंडा और पंजीकरण तक बदल दिया.
पूरे ऑपरेशन में ब्रिटेन की भूमिका बेहद अहम
इस पूरे ऑपरेशन में ब्रिटेन की भूमिका बेहद अहम रही. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह मिशन अमेरिकी तटरक्षक बल और अमेरिकी सेना ने मिलकर अंजाम दिया. ब्रिटेन ने इस ऑपरेशन के लिए अपनी जमीन और हवाई अड्डों को लॉन्चपैड के रूप में इस्तेमाल करने दिया, जब टैंकर आइसलैंड और ब्रिटेन के बीच समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था तब रॉयल एयर फोर्स के निगरानी विमानों ने उस पर लगातार नजर रखी.
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