US Iran War Ceasefire : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर का ऐलान कर दिया. बता दें कि उन्होंने इसका पूरा क्रेडिट पाकिस्तान को दिया, लेकिन एक सवाल भी छोड़ दिया है. दरअसल उनसे पूछा गया था कि क्या सीजफायर की बातचीत में बीजिंग की कोई महत्वपूर्ण भूमिका है तो ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सुना है कि चीन ने ईरान को बातचीत के लिए राजी किया.
इस दौरान ट्रंप ने घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान पर दो सप्ताह के लिए बमबारी और हमले रोकने पर सहमति जताई है. इसके साथ ही उन्होंने ईरान के 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को भी व्यावहारिक बताया. इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उसने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव पर आधारित बातचीत के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है.
बीजिंग ने किया था हस्तक्षेप
बता दें कि ट्रंप से पूछा गया कि क्या बीजिंग ने अपने प्रमुख सहयोगी तेहरान को सीजफायर पर बातचीत के लिए राजी करने में भूमिका निभाई थी तो उन्होंने फोन पर कहा कि ‘मुझे सुनने में आया है कि हां.’ प्राप्त जानकारी के अनुसार मार्च के आखिरी सप्ताह में जब पाकिस्तान ने ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत की पहल की तो चीन ने भी क्षेत्र में शांति का समर्थन करते हुए कई बयान जारी किए थे और इसी के एक दिन बाद पाकिस्तान-चीन ने संयुक्त रूप से पांच सूत्रीय पहल का ऐलान किया.
ईरान पर शांति का मार्ग अपनाने के लिए दबाव
इस मामले को लेकर मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि तीन ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया था कि पाकिस्तान द्वारा युद्धविराम के लिए दबाव बनाने के साथ-साथ चीन ने अंतिम समय में हस्तक्षेप किया, ताकि लचीलापन दिखाया जा सके और तनाव को कम किया जा सके. इसके साथ ही AP ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बीजिंग ने पाकिस्तान, तुर्किए और मिस्र समेत मध्यस्थों के माध्यम से ईरान पर शांति का मार्ग अपनाने के लिए दबाव डाला.
सीजफायर को लेकर चीन की नही आयी कोई टिप्पणी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस घटनाक्रम पर चीनी विदेश मंत्रालय का कोई बयान सामने नही आया. लेकिन वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने पहले कहा था कि बीजिंग शांति के लिए प्रयास कर रहा है. इसके साथ ही चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि ‘सभी पक्षों को ईमानदारी दिखानी चाहिए. इसके साथ ही इस युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करना चाहिए, जो शुरू ही नहीं होना चाहिए था.’
चीनी राष्ट्रपति से मिलेंगे ट्रंप
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने यानी मई में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने के लिए बीजिंग की यात्रा करने वाले हैं. क्योंकि ईरान से लगातार भारी बमबारी के दौरान उनकी मार्च की यात्रा स्थगित कर दी गई थी. इसके साथ ही यह यात्रा 14-15 मई को निर्धारित है. इसके साथ ही ट्रंप ने आगामी बैठक को एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर बताया और कहा कि वे इस साल के अंत में शी और उनकी पत्नी की वाशिंगटन डीसी में मेजबानी भी करेंगे.
जंग में हुई ईरान की जीत, बोला हमले का देंगे मुंहतोड़ जवाब
इतना ही नही बल्कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर का ऐलान करते हुए कहा कि हम ईरान में विनाशकारी सेना नहीं भेजेंगे, जो कि आज ही रवाना होने वाली थी. साथ ही दोनों देशों ने सहमति जताई और ईरान भी होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए तैयार हो गया है और कहा कि ईरान का 10 सूत्रीय प्रस्ताव व्यावहारिक है, जिस पर 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में चर्चा होगी. इसके साथ ही ईरान की ओर से कहा गया है कि इस जंग में उसकी जीत हुई है और अगर दुश्मन ने किसी तरह का हमला किया तो हम मुंहतोड़ जवाब देंगे.
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