West Asia: पश्चिम एशिया में मिसाइल हमलों, धमाकों और युद्ध की उठती चिनगारियों ने पूरी दुनिया के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है, जिसकी आंच अब भारत के 90 लाख से अधिक नागरिकों पर पड़ रही है. इस समय कतर, ओमान, बहरीन, मिस्र, यूएई, सऊदी अरब, लेबनान, इजरायल और ईरान जैसे देशों में बसे करोड़ों भारतीय इस वक्त डर और अनिश्चितता के साये में हैं.
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर युद्ध की यह आग और भड़कती है, तो खाड़ी क्षेत्र में रह रहे कितने भारतीय खतरे की जद में आएंगे?
किस देश में कितने भारतीय?
पश्चिम एशिया में भारतीय प्रवासियों की भूमिका बेहद अहम रही है. हालांकि, मौजूदा संकट के वजह से यही विशाल आबादी अब सुरक्षा चिंताओं के घेरे में है.
खाड़ी में भारतीय आबादी का सबसे बड़ा ठिकाना यूएई है. जहां लगभग 43 लाख भारतीय रहते हैं. ये आबादी देश की कुल आबादी का करीब 35 प्रतिशत हैं. इनमें से 15% अबू धाबी में और बाकी 85% दुबई समेत अन्य 6 उत्तरी अमीरात में बसे हैं.
वहीं कतर में 8.3 लाख से 8.5 लाख भारतीय निवासी हैं. यह कतर की कुल आबादी का 25% से 30% हिस्सा हैं और वहां का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय बनाते हैं.
बहरीन में करीब 3.25 लाख से 3.5 लाख भारतीय नागरिक निवास करते हैं, जो देश की कुल जनसंख्या का लगभग 20 प्रतिशत हैं.
इसके अलावा, जंग के मुहाने पर खड़े ईरान में करीब 10 हजार भारतीय मौजूद हैं, जबकि इजरायल में भी लगभग 10 हजार भारतीय नागरिक बसते हैं.
किन शहरों में बसी है सबसे ज्यादा भारतीय आबादी?
बता दें कि खाड़ी के कुछ प्रमुख शहर ऐसे हैं, जिन्हें ‘मिनी इंडिया’ कहा जाए तो गलत नहीं होगा. युद्ध के हालात में इन बड़े शहरी केंद्रों पर खतरा सबसे ज्यादा बना हुआ है.
दुबई (यूएई): यहां सबसे अधिक लगभग 20 लाख भारतीय आबादी बसती है.
अबू धाबी (यूएई): यूएई की राजधानी क्षेत्र में करीब 8 लाख भारतीय रहते हैं.
शारजाह (यूएई): लगभग 7 लाख भारतीय नागरिकों का ठिकाना शारजाह है.
दोहा (कतर): कतर की राजधानी दोहा और उसके आसपास 5 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी रह रहे हैं.
मनामा (बहरीन): बहरीन की राजधानी मनामा और मुहर्रक जैसे इलाकों में भारतीय समुदाय की घनी बस्ती है.