Water Price Hike: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब भारत के आम लोगों तक पहुंचने लगा है. तमिलनाडु में बोतलबंद पानी और 20 लीटर के कैन की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कच्चे माल की कीमतों में उछाल के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे घरेलू बजट पर भी असर पड़ने लगा है.
कच्चे माल की कीमत बढ़ने से बढ़ी लागत
जानकारी के मुताबिक, पॉलीएथिलीन टेरेफ्थेलेट (PET) की कीमतों में तेजी आई है, जो पानी की बोतल और कैन बनाने में इस्तेमाल होता है. इसके चलते नए 20 लीटर कैन की लागत काफी बढ़ गई है.
निर्माताओं ने 20 लीटर के कैन की कीमत में 5 से 10 रुपए तक की बढ़ोतरी कर दी है. वहीं बोतलबंद पानी की कीमत भी बढ़ी है, जिससे उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ा है.
अब 20-30 रुपए तक महंगा हुआ पानी
पहले जहां 20 लीटर पानी का कैन लगभग 20 रुपए में मिल जाता था, वहीं अब कई जगह इसकी कीमत 25 से 30 रुपए तक पहुंच गई है. आने वाले समय में इसमें और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है.
होटल सेक्टर के बाद अब आम लोगों पर असर
इस संकट का असर पहले होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर पड़ा था, लेकिन अब यह सीधे आम घरों तक पहुंच गया है. शहरी इलाकों में रहने वाले लोग जो रोजाना कैन वाले पानी पर निर्भर हैं, उनके खर्च में बढ़ोतरी हो रही है.
सप्लाई और उत्पादन में भी आ रही दिक्कतें
तमिलनाडु में करीब 1,500 पैकेज्ड वाटर यूनिट्स हैं, जो लगभग 15 लाख लोगों को पानी सप्लाई करती हैं. लेकिन प्लास्टिक कंटेनर बनाने वाले सीमित होने के कारण सप्लाई प्रभावित हो रही है. हर यूनिट को नियमित रूप से नए कंटेनर की जरूरत होती है, ऐसे में कच्चे माल की कमी सीधे उत्पादन और कीमतों पर असर डाल रही है.
ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने का भी खतरा
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है, तो ट्रांसपोर्टेशन लागत भी बढ़ेगी. इससे पानी की कीमतों में और इजाफा हो सकता है.
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