Retail Inflation March 2026: देश में खुदरा महंगाई दर मार्च 2026 में सालाना आधार पर 3.4% दर्ज की गई है, जो फरवरी के 3.21% के मुकाबले थोड़ी अधिक है. यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों में सामने आई है. क्रमिक आधार पर भी महंगाई में 0.19% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कीमतों में हल्की तेजी बनी हुई है. हालांकि कुल महंगाई दर अभी भी नियंत्रण के दायरे में मानी जा रही है.
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अंतर
मार्च महीने में ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 3.63 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.11 प्रतिशत दर्ज की गई. इससे स्पष्ट होता है कि महंगाई का असर ग्रामीण इलाकों में ज्यादा देखने को मिला. ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों का सीधा असर आम लोगों के खर्च पर पड़ता है, जिससे वहां महंगाई अधिक महसूस होती है.
खाद्य महंगाई में बढ़ोतरी
खाद्य महंगाई दर मार्च में 3.87 प्रतिशत रही, जो फरवरी के 3.47 प्रतिशत से अधिक है. ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 3.96 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.71 प्रतिशत दर्ज की गई. इससे साफ है कि खाने-पीने की चीजों के दाम धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं.
किन चीजों के दाम गिरे?
मार्च महीने में कई जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे आम लोगों को कुछ राहत मिली है. प्याज की कीमत में 27.76 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि आलू के दाम 18.98 प्रतिशत तक कम हुए. इसी तरह लहसुन की कीमतों में 10.18 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई. अरहर दाल के दाम भी 9.56 प्रतिशत घटे, जबकि मटर और चना की कीमतों में 7.87 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली. इन सभी वस्तुओं में सालाना आधार पर नकारात्मक महंगाई दर्ज की गई, जो उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है.
किन चीजों में आया तेज उछाल?
दूसरी ओर, कुछ वस्तुओं की कीमतों में तेज बढ़ोतरी भी देखने को मिली, जिसने बाजार में असंतुलन की स्थिति पैदा की. चांदी के आभूषणों की कीमतों में 148.61 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं सोना, हीरा और प्लेटिनम आभूषणों के दाम 45.92 प्रतिशत तक बढ़े. कोपरा की कीमतों में 45.52 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि टमाटर के दाम 35.99 प्रतिशत तक बढ़ गए. फूलगोभी की कीमतों में भी 34.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इन वस्तुओं में सकारात्मक महंगाई के कारण कुल महंगाई दर पर दबाव बना रहा.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा महंगाई?
मार्च महीने में कुछ राज्यों में महंगाई दर राष्ट्रीय औसत से अधिक दर्ज की गई. तेलंगाना में महंगाई दर 5.83 प्रतिशत रही, जो सबसे ज्यादा है. इसके बाद आंध्र प्रदेश में 4.05 प्रतिशत, कर्नाटक में 3.96 प्रतिशत, तमिलनाडु में 3.77 प्रतिशत और राजस्थान में 3.64 प्रतिशत महंगाई दर्ज की गई. इन राज्यों में खाद्य और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण महंगाई का असर अधिक देखने को मिला.
आंकड़े कैसे जुटाए जाते हैं?
सरकार के अनुसार, खुदरा महंगाई दर का आंकलन राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक डेटा संग्रह के आधार पर किया जाता है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के फील्ड स्टाफ द्वारा देशभर के 1407 शहरी बाजारों और 1465 गांवों से साप्ताहिक आधार पर मूल्य डेटा एकत्र किया जाता है. मार्च 2026 के दौरान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों से लगभग 100 प्रतिशत डेटा संग्रह सुनिश्चित किया गया, जिससे आंकड़ों की सटीकता बनी रहती है.
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