Sensex opening bell: सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला. इस दौरान, प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी 50 में करीब 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई. 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,409.98 से 557.12 अंकों की गिरावट के साथ 76,852.86 पर खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,168 से 176.8 अंक फिसलकर 23,991.20 पर खुला.
शुक्रवार के शुरूआती कारोबार में सेंसेक्स 773 अंकों यानी 1.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,635 पर था, जबकि निफ्टी50 214.85 अंक या 0.89 प्रतिशत गिरकर 23,953.15 पर ट्रेड कर रहा था. व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.41 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
लाल निशान में ट्रेड करते दिखे ये शेयर
वहीं सेक्टरवार देखें, तो निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए. इस दौरान सबसे ज्यादा गिरावट आईटी निफ्टी में आई, जो 6 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया. इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी में 1.01 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.62 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.50 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 0.42 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
आज के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स
निफ्टी 50 इंडेक्स में इंफोसिस (7.7 प्रतिशत), टीसीएस (5.6 प्रतिशत), टेक महिंद्रा (5.08 प्रतिशत), एचसीएल टेक (4.9 प्रतिशत) और विप्रो (3.5 प्रतिशत) के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई और ये टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहे. वहीं इसके विपरीत, एनटीपीसी, अदाणी इंटरप्राइजेज, अपोलो हॉस्पिटल, ग्रासिम, भारती एयरटेल, ट्रेंट और टाइटन के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए.
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निकट अवधि में बाजार का रुख सकारात्मक बना हुआ है. बेहतर होते व्यापक आर्थिक संकेतकों (मैक्रोइकॉनॉमिक कंडीशंस) और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट से बाजार को समर्थन मिल रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की शॉर्ट कवरिंग के कारण बैंकिंग शेयरों में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है. हालांकि बीच-बीच में मुनाफावसूली हो सकती है, लेकिन बैंकिंग सेक्टर में आगे भी बढ़त की संभावना बनी हुई है. वहीं, वैश्विक आईटी सेवा कंपनी एक्सेंचर द्वारा अपने गाइडेंस में कटौती किए जाने का असर भारतीय आईटी शेयरों पर पड़ सकता है.

