India Export: वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं के बीच भारत के निर्यात मोर्चे से अच्छी खबर सामने आई है. वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही यानी दूसरी तिमाही में देश का कुल वस्तु निर्यात 131.2 अरब डॉलर रहने का अनुमान है. यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 17.6 प्रतिशत अधिक है. इंडिया एग्जिम बैंक की बुधवार को जारी रिपोर्ट में यह अनुमान सामने आया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के निर्यात प्रदर्शन को घरेलू विनिर्माण में लगातार विस्तार, निर्यात बाजारों में बढ़ते भौगोलिक विविधीकरण और प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ हुए हालिया व्यापार समझौतों से समर्थन मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा, साझेदार देशों में मजबूत मांग भी भारतीय निर्यात के लिए सकारात्मक आधार तैयार कर रही है.
गैर-तेल निर्यात में भी मजबूत बढ़ोतरी का अनुमान
इंडिया एग्जिम बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारत का गैर-तेल निर्यात 20.3 प्रतिशत बढ़कर 113.8 अरब डॉलर पहुंच सकता है. वहीं, गैर-तेल और गैर-रत्न एवं आभूषण निर्यात में भी मजबूत वृद्धि का अनुमान है. इस श्रेणी का निर्यात 20.5 प्रतिशत बढ़कर 105.8 अरब डॉलर रहने की संभावना जताई गई है. इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि भारत के निर्यात प्रदर्शन में सिर्फ तेल से जुड़े उत्पादों की भूमिका नहीं है, बल्कि अन्य क्षेत्रों से होने वाले निर्यात में भी मजबूती बनी हुई है.
व्यापार समझौतों और बाजारों के विविधीकरण से फायदा
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के निर्यात में वृद्धि के पीछे कई प्रमुख कारण हैं. इनमें निर्यात बाजारों का बढ़ता भौगोलिक विविधीकरण और प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ हालिया व्यापार समझौतों से पैदा हुई अनुकूल संभावनाएं शामिल हैं. इसके अलावा, साझेदार देशों में मजबूत मांग भी भारतीय उत्पादों के निर्यात को समर्थन दे रही है. इससे भारत को अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने में मदद मिल रही है.
घरेलू विनिर्माण से भी निर्यात को मिलेगा सहारा
इंडिया एग्जिम बैंक ने कहा है कि भारत के सकारात्मक निर्यात परिदृश्य को घरेलू विनिर्माण में लगातार विस्तार और विनिमय दर में होने वाले बदलावों से मजबूती मिलने की उम्मीद है. हालांकि, बैंक ने निर्यात को लेकर कुछ जोखिमों की ओर भी इशारा किया है. भू-राजनीतिक संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में होने वाले उतार-चढ़ाव से भारत के निर्यात पर नकारात्मक असर पड़ने का जोखिम बना हुआ है.
हर तिमाही निर्यात का अनुमान तैयार करता है इंडिया एग्जिम बैंक
इंडिया एग्जिम बैंक अपने इन-हाउस एक्सपोर्ट लीडिंग इंडेक्स (ELI) मॉडल के जरिए हर तिमाही भारत के निर्यात का अनुमान तैयार करता है. यह मॉडल बाहरी और घरेलू दोनों कारकों को ध्यान में रखते हुए निर्यात की गति का आकलन करता है. इसी मॉडल के आधार पर वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए कुल वस्तु निर्यात 131.2 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया गया है.
पहली तिमाही में भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था निर्यात
वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में भारत का वस्तु निर्यात 129.6 अरब डॉलर के रिकॉर्ड तिमाही स्तर पर पहुंच गया था. पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 111.6 अरब डॉलर था. इस तरह पहली तिमाही में भारत के वस्तु निर्यात में 16.1 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई. इस सप्ताह संसद को दी गई जानकारी के अनुसार, मासिक व्यापार घाटे में उतार-चढ़ाव के बावजूद ये आंकड़े भारत के निर्यात प्रदर्शन की मजबूत बुनियाद को दर्शाते हैं.
जून में 30.4 अरब डॉलर रहा व्यापार घाटा
जून 2026 में भारत का वस्तु व्यापार घाटा 30.4 अरब डॉलर रहा था. इसे पांच महीने का उच्चतम स्तर बताया गया था. हालांकि, यह पिछले 12 महीनों के औसत 29.3 अरब डॉलर के व्यापार घाटे से केवल मामूली अधिक था. वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में कहा कि जून 2026 का व्यापार घाटा व्यापक रूप से औसत स्तर के अनुरूप रहा. उन्होंने कहा कि सरकार वस्तु व्यापार घाटे समेत देश के व्यापार प्रदर्शन पर लगातार करीबी नजर रखती है.
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