संसार की विस्मृति होगी तभी ब्रह्म-सम्बन्ध हो सकेगा स्थापित: दिव्य मोरारी बापू

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, साधु के लिए कण और क्षण- दोनों ही एक जैसे कीमती हैं। इसीलिए जो दोनों को कीमती मानकर सावधानी से इनको काम में लेता है, वही सच्चा संत है।
संत कण और क्षण की उपेक्षा नहीं कर सकता। क्योंकि वह जानता है कि एक-आध अन्न का कण भी कीड़ी का पेट तो भर ही सकता है और एक-आध क्षण अनेक व्यक्तियों को सुधार सकता है, अनेक व्यक्तियों को तार सकता है।
इसलिए सन्त अत्यन्त प्रेम पूर्वक कहते हैं कि जीवन का एक क्षण भी व्यर्थ मत जाने दो और अनाज का एक कण भी मत बिगाड़ो। जो कण और क्षण का सदुपयोग करे, वह सज्जन है और जो इन दोनों का दुरुपयोग करे, वह दुर्जन है।
संसार की विस्मृति होगी तभी ब्रह्म-सम्बन्ध स्थापित हो सकेगा। सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना।
Latest News

22 October 2026 Ka Panchang: गुरुवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

22 October 2026 Ka Panchang: 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को आश्विन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है. इस दिन...

More Articles Like This

Exit mobile version