Vastu Tips: घरों में अक्सर पड़ोसी, रिश्तेदार या परिचित को कोई जरूरी सामान तुरंत हाथ में पकड़ा देने की आदत होती है. जैसेः चाकू, कैंची, नमक, तेल या लोहे की कई वस्तु. लेकिन वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में कुछ चीजों के हाथ से हाथ में लेन-देन को अशुभ बताया गया है. बता दें कि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी छोटी आदतें घर की ऊर्जा, आर्थिक स्थिति और रिश्तों पर असर डाल सकती हैं.
भारतीय परंपरा में वस्तुओं का लेन-देन केवल सुविधा नहीं, बल्कि ऊर्जा के आदान-प्रदान से भी जुड़ा माना गया है. कुछ वस्तुएं विशेष ग्रहों और सूक्ष्म ऊर्जाओं से संबंधित मानी जाती हैं. इन्हें सीधे हाथ में देने से नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय हो सकती है, जिससे घर में तनाव, आर्थिक तंगी और आपसी मनमुटाव बढ़ने की आशंका रहती है.
धारदार चीज
वास्तु शास्त्र में सुई, कील, चाकू और कैंची जैसी धारदार चीजों को सीधे हाथ में देना वर्जित माना गया है. कहा जाता है कि इससे संबंधों में कटुता और विवाद की स्थिति बन सकती है. वह सलाह देते हैं कि ऐसी वस्तुओं को मेज, ट्रे या जमीन पर रखकर सामने वाले से उठाने के लिए कहा जाए, तो इससे ऊर्जा का सीधा टकराव नहीं होता है.
तेल का लेनदेन
वहीं, तेल का संबंध शनिदेव से माना जाता है, इसलिए विशेष रूप से शनिवार के दिन तेल का हाथ से हाथ में लेन-देन अशुभ माना गया है. मान्यता है कि इससे शनि दोष के प्रभाव बढ़ सकते हैं और व्यक्ति को कार्यों में बाधा, आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए तेल हमेशा किसी कटोरी, बोतल या अन्य बर्तन में रखकर देना चाहिए.
नमक
नमक को नकारात्मक ऊर्जा सोखने वाला तत्व माना गया है. यही वजह है कि इसका हाथों से सीधा लेन-देन अशुभ बताया गया है. कई परिवारों में आज भी नमक को मेज या कटोरी में रखकर देने की परंपरा निभाई जाती है, क्योंकि मान्यता है कि ऐसा करने से रिश्तों में मिठास बनी रहती है और अनावश्यक तनाव नहीं बढ़ता है.
जूते-चप्पल सीधे हाथ में थमाना
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जूते-चप्पल सीधे हाथ में थमाना भी शुभ नहीं माना जाता है. इन्हें थैली में रखकर या नीचे रखकर देना बेहतर माना गया है.
लोहे की कील, औजार या अन्य वस्तुएं
इसके साथ ही लोहे की वस्तुओं का संबंध भी शनि ग्रह से जोड़ा जाता है. लोहे की कील, औजार या अन्य वस्तुएं सीधे हाथ में देने से शनि के अशुभ प्रभाव बढ़ने की मान्यता है. वास्तु शास्त्र में इन मान्यताओं का उद्देश्य केवल अंधविश्वास फैलाना नहीं, बल्कि सावधानी, शिष्टाचार और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देना भी है. धारदार वस्तु को सीधे हाथ में देने से चोट का खतरा रहता है, जबकि बर्तन या थैली का उपयोग सुरक्षित तरीका माना जाता है.