Auto Sales: अगस्त में भारत के दोपहिया वाहन बाजार ने मजबूत प्रदर्शन किया है. गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, ओणम त्योहार से मिली अतिरिक्त मांग और पिछले साल के अपेक्षाकृत कम आधार के कारण दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर 18 से 20% की बढ़ोतरी हुई है. नए वाहनों को लेकर ग्राहकों की दिलचस्पी भी बनी हुई है और शहरी के साथ ग्रामीण बाजारों में मांग अच्छी देखी गई है.
यस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, नए वाहनों को लेकर ऑर्गेनिक पूछताछ में 10 से 12% की वृद्धि दर्ज की गई है. बाजार में खास तौर पर प्रीमियम इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) वाहनों और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मांग मजबूत बनी हुई है. आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए वाहन कंपनियां भी अपनी सप्लाई बढ़ाने की तैयारी में जुटी हैं.
यात्री वाहनों की बिक्री में भी अच्छी बढ़त
दोपहिया वाहनों के अलावा यात्री वाहन बाजार ने भी अगस्त में अच्छा प्रदर्शन किया. रिपोर्ट के मुताबिक, यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर 11 से 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. ओणम की मांग ने बिक्री को करीब 20 प्रतिशत का अतिरिक्त समर्थन दिया. इस दौरान शहरी बाजारों का प्रदर्शन ग्रामीण बाजारों के मुकाबले बेहतर रहा. हालांकि बिक्री में तेजी के बावजूद वाहन डीलरों के पास स्टॉक का स्तर नियंत्रित बना हुआ है. यात्री वाहनों की इन्वेंटरी करीब चार सप्ताह के स्तर पर है. वहीं, वैकल्पिक ईंधन वाले लोकप्रिय मॉडलों की मांग मजबूत होने के कारण इन वाहनों के लिए ग्राहकों को अभी भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है.
कमर्शियल वाहनों की मांग भी मजबूत
वाणिज्यिक वाहन सेगमेंट में भी मांग मजबूत बनी हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री को नवंबर 2026 से दिल्ली-NCR में BS-4 वाहनों के प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध से अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है. इस प्रस्तावित प्रतिबंध के चलते पुराने वाहनों को बदलने की मांग बढ़ने की संभावना है, जिससे इस सेगमेंट की बिक्री को फायदा मिल सकता है.
ट्रैक्टर बिक्री में भी दोहरे अंक की वृद्धि
ट्रैक्टर बाजार का प्रदर्शन भी सकारात्मक रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, ट्रैक्टरों की बिक्री दोहरे अंक की वृद्धि दर पर बनी हुई है. इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. वहीं, यस सिक्योरिटीज ने बताया कि खासकर शहरी, टियर-1 और टियर-2 शहरों के डीलरों ने इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में तेज बढ़ोतरी की जानकारी दी है. अगस्त में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और बुकिंग दोनों मजबूत बनी रहीं.
ग्राहक अब तकनीक और फीचर्स पर भी दे रहे ध्यान
रिपोर्ट में उपभोक्ताओं की पसंद में बदलाव की बात भी सामने आई है. अब ग्राहक सिर्फ कम कीमत वाले वाहन को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं, बल्कि बेहतर तकनीक, प्रदर्शन और अतिरिक्त सुविधाओं वाले मॉडल में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं. इसी वजह से उच्च श्रेणी के मॉडलों की मांग में अपेक्षाकृत ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों की पूछताछ बढ़ी
CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में भी उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन वाहनों से जुड़ी पूछताछ और बुकिंग में 30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. इस तेजी को नए मॉडलों की लॉन्चिंग और E-20 ईंधन को लेकर बनी कुछ चिंताओं से भी जोड़ा गया है.
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 3-4 महीने तक इंतजार
लोकप्रिय ब्रांडों के कुछ मॉडलों के लिए ग्राहकों को अभी भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. इलेक्ट्रिक वाहनों की प्रतीक्षा अवधि 3 से 4 महीने तक पहुंच गई है. वहीं, पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों के लिए यह अवधि करीब 1 से 1.5 महीने के बीच बनी हुई है.
कच्चे माल की लागत बढ़ने से वाहन हुए महंगे
वाहन निर्माताओं ने कच्चे माल की बढ़ती लागत का असर ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए हाल में वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी भी की है. रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख वाहन कंपनियों ने हाल ही में कीमतें बढ़ाई हैं. इसके अलावा, आगे भी 0.5 से 1.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त मूल्य वृद्धि की संभावना जताई गई है.
हालांकि, वाहन कंपनियों की छूट योजनाओं में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. ICE और इलेक्ट्रिक दोनों श्रेणियों में डिस्काउंट का स्तर लगभग स्थिर बना हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियां मुख्य रूप से इन्वेंटरी मैनेजमेंट के आधार पर छूट दे रही हैं, मांग को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए नहीं.
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