भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजार के प्रमुख मंच गिफ्ट निफ्टी ने मार्च 2026 में एक नया इतिहास रच दिया है. इस दौरान कुल कारोबार 129.80 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. इससे पहले अक्टूबर 2025 में 106.22 अरब डॉलर का कारोबार दर्ज किया गया था, लेकिन मार्च के आंकड़ों ने इस रिकॉर्ड को काफी अंतर से पीछे छोड़ दिया है. यह तेजी इस बात का संकेत है कि वैश्विक निवेशकों के बीच भारत से जुड़े डेरिवेटिव्स उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है और गिफ्ट सिटी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय गतिविधियों का एक अहम केंद्र बनता जा रहा है.
मासिक सौदों की संख्या भी ऑल-टाइम हाई
मार्च महीने में केवल कारोबार ही नहीं, बल्कि सौदों की संख्या ने भी नया रिकॉर्ड बनाया. इस दौरान कुल 28 लाख सौदे दर्ज किए गए, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इससे पहले अप्रैल 2025 में 21 लाख सौदों का रिकॉर्ड बना था. यह आंकड़े दर्शाते हैं कि बाजार में भागीदारी तेजी से बढ़ रही है और निवेशकों का भरोसा इस प्लेटफॉर्म पर लगातार मजबूत हो रहा है.
एक दिन के कारोबार में भी बना नया कीर्तिमान
मार्च के इस रिकॉर्ड से पहले फरवरी 2026 में भी गिफ्ट निफ्टी ने एक दिन के कारोबार में नया इतिहास बनाया था. उस दिन कुल 4,57,989 सौदे दर्ज किए गए थे और कुल कारोबार 23.48 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. यह आंकड़ा 23 जनवरी 2024 को बने पिछले रिकॉर्ड 22.88 अरब डॉलर से अधिक था, जिससे यह साफ होता है कि यह वृद्धि केवल मासिक स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक गतिविधियों में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है.
शुरुआत के बाद से तेजी से बढ़ा संचयी कारोबार
3 जुलाई 2023 को पूर्ण पैमाने पर संचालन शुरू होने के बाद से गिफ्ट निफ्टी ने लगातार तेज गति से विकास किया है. मार्च 2026 तक इस प्लेटफॉर्म पर डेरिवेटिव्स का संचयी सौदा वॉल्यूम 63.37 मिलियन से अधिक पहुंच चुका है, जिसका कुल कारोबार 2.92 ट्रिलियन डॉलर दर्ज किया गया है. तुलनात्मक रूप से फरवरी 2026 तक यह आंकड़ा 60.05 मिलियन सौदों और 2.76 ट्रिलियन डॉलर के कारोबार का था. इसका मतलब है कि केवल एक महीने में ही उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में तेज रफ्तार को दर्शाती है.
बाजार हिस्सेदारी में दबदबा, मजबूत स्थिति कायम
गिफ्ट सिटी स्थित अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज में इस प्लेटफॉर्म की बाजार हिस्सेदारी 99.7 प्रतिशत से अधिक है, जो इसकी मजबूत पकड़ और दबदबे को दर्शाती है. इस एक्सचेंज की स्थापना 5 जून 2017 को की गई थी और इसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त है. इस मजबूत नियामकीय ढांचे और सुविधाओं के कारण यह मंच वैश्विक निवेशकों के लिए भरोसेमंद विकल्प बनता जा रहा है.
विविध उत्पादों से बढ़ती लोकप्रियता
यह एक्सचेंज निवेशकों को कई प्रकार के वित्तीय उत्पाद उपलब्ध कराता है, जिनमें भारतीय एकल शेयर आधारित सौदे, सूचकांक आधारित सौदे, मुद्रा आधारित सौदे और डिपॉजिटरी रसीदें शामिल हैं. इसके अलावा प्राथमिक बाजार के अंतर्गत इक्विटी शेयर, रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट, बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट और पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासन से जुड़े ऋण साधन भी उपलब्ध हैं. ये सभी उत्पाद अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र के लिस्टिंग नियम 2024 के तहत आते हैं.
डेरिवेटिव्स बाजार में लगातार बन रहे नए रिकॉर्ड
मार्च की यह उपलब्धि केवल एक बार की घटना नहीं है, बल्कि यह गिफ्ट निफ्टी में लगातार बन रहे रिकॉर्ड्स की एक श्रृंखला का हिस्सा है. फरवरी में एक दिन के रिकॉर्ड से लेकर मार्च के मासिक रिकॉर्ड तक, हर स्तर पर वृद्धि देखी जा रही है. यह प्रवृत्ति इस बात का संकेत देती है कि भारतीय डेरिवेटिव्स बाजार वैश्विक स्तर पर तेजी से मजबूत हो रहा है और आने वाले समय में और विस्तार की संभावना है.
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