तेल की धार, जेब पर वार: 12 दिनों में महंगाई ने तोड़ी आम आदमी की कमर, देखें पूरा रिपोर्ट कार्ड

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Inflation In India: देश में पिछले कुछ दिनों के भीतर महंगाई ने आम लोगों की मुश्किलें तेजी से बढ़ा दी हैं. हालात ऐसे बन गए हैं कि अब हर दिन बढ़ता खर्च लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालता दिखाई दे रहा है. पहले जहां लोग केवल पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर परेशान थे, वहीं अब महंगाई का असर रोजमर्रा की लगभग हर जरूरी चीज पर दिखाई देने लगा है. घर चलाने से लेकर सफर करने, बच्चों की जरूरतों को पूरा करने और शादी-ब्याह जैसे खर्चों तक, हर तरफ खर्च बढ़ता जा रहा है.

सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि महंगाई किसी एक चीज तक सीमित नहीं रही है. पिछले करीब 12 दिनों के भीतर पेट्रोल-डीजल, सीएनजी, दूध, सोना-चांदी और कई जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी देखी गई है. ऐसे में मध्यम वर्ग और आम परिवारों के लिए मासिक बजट संभालना पहले की तुलना में ज्यादा मुश्किल होता जा रहा है.

12 दिनों में कई बार बढ़े ईंधन के दाम

महंगाई की सबसे बड़ी मार ईंधन कीमतों के जरिए लोगों तक पहुंच रही है. पिछले 12 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार बदलाव देखने को मिला है. कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें 110 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंचती दिखाई दे रही हैं, जबकि डीजल के दाम भी लगातार ऊपर जा रहे हैं. इसके पीछे मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी को बड़ी वजह माना जा रहा है. तेल कंपनियों का कहना है कि वैश्विक बाजार में बढ़ते दबाव के कारण लागत बढ़ रही है. हालांकि आम लोगों के लिए इसका सीधा मतलब सिर्फ इतना है कि अब वाहन चलाने का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है.

सीएनजी ने भी बढ़ाई लोगों की परेशानी

पेट्रोल और डीजल से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने सीएनजी वाहनों को चुना था, लेकिन अब सीएनजी भी लोगों को राहत देती नजर नहीं आ रही है. पिछले कुछ दिनों में सीएनजी की कीमतों में भी कई बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. ऑटो और कैब चालकों का कहना है कि उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा अब ईंधन पर खर्च हो रहा है. कई जगहों पर बढ़ती लागत को देखते हुए किराए में बढ़ोतरी की मांग भी उठने लगी है.

रसोई का बजट भी हुआ प्रभावित

महंगाई का असर अब घरों की रसोई तक पहुंच चुका है. कई क्षेत्रों में दूध की कीमतों में 2 से 4 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी देखी गई है. इसके अलावा दाल, ब्रेड और अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं के दामों में भी बदलाव देखा जा रहा है. इन जरूरी चीजों की कीमत बढ़ने का सीधा असर परिवारों के मासिक बजट पर पड़ रहा है. सुबह की चाय से लेकर बच्चों के खान-पान तक, लगभग हर जरूरी चीज पर अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है.

सोना-चांदी खरीदना भी हुआ महंगा

महंगाई का असर केवल दैनिक जरूरतों तक सीमित नहीं है. शादी का सीजन आते ही सोना और चांदी की बढ़ती कीमतों ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी और आयात लागत बढ़ने के कारण सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. कई शहरों में सोना 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंचने की चर्चा है. ऐसे में मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए शादी-ब्याह जैसे बड़े खर्च संभालना और मुश्किल हो सकता है.

ट्रांसपोर्ट महंगा तो हर चीज पर असर

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता. जब ईंधन महंगा होता है तो माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ जाता है. ट्रांसपोर्ट कंपनियों और ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि डीजल की कीमत बढ़ने से सामान एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की लागत तेजी से बढ़ रही है. इसका असर बाजार में सब्जियों, राशन, फलों और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है.

EMI और खर्च के बीच फंसा मिडिल क्लास

इस समय सबसे ज्यादा दबाव मध्यम वर्ग पर दिखाई दे रहा है. एक तरफ घर और गाड़ी की EMI, बच्चों की फीस और बिजली जैसे नियमित खर्च हैं, वहीं दूसरी तरफ रोजमर्रा की जरूरतों पर लगातार बढ़ता खर्च लोगों को परेशान कर रहा है. कई परिवारों का कहना है कि जिस बजट में पहले पूरे महीने का खर्च आसानी से निकल जाता था, अब उसी राशि में घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है.

आखिर कब मिलेगी राहत?

हालात को देखते हुए अब लोगों की नजर इस बात पर बनी हुई है कि आने वाले दिनों में महंगाई से राहत कब मिलेगी. फिलहाल बढ़ते खर्च ने आम लोगों की बचत, बजट और दैनिक जीवन पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है. पिछले कुछ दिनों में बढ़ी महंगाई ने लोगों की आर्थिक चिंताओं को पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दिया है.

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