Jammu Kashmir Milk Price Hike: महंगाई से जूझ रहे लोगों को एक और बड़ा झटका लगा है. जम्मू-कश्मीर में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे लाखों परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो सकता है. जम्मू-कश्मीर डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन (JKDFA) ने दूध के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. नई कीमतें 1 जून 2026 से लागू हो चुकी हैं. दूध जैसी रोजमर्रा की जरूरत की चीज महंगी होने से आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है, जबकि डेयरी किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत के बीच यह फैसला जरूरी हो गया था.
विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर जम्मू-कश्मीर डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप सिंह चिब ने नई दरों की घोषणा की. उन्होंने बताया कि पशुओं के चारे, दवाइयों, परिवहन और अन्य जरूरी खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. ऐसे में पुराने दामों पर डेयरी कारोबार चलाना किसानों और सप्लायरों के लिए मुश्किल होता जा रहा था.
1 जून से लागू हुए दूध के नए रेट
दूध की सभी श्रेणियों में 5 रुपये प्रति लीटर की समान बढ़ोतरी की गई है. नई दरों के अनुसार जम्मू शहर में फुल क्रीम दूध अब 72 रुपये प्रति लीटर मिलेगा. वहीं गाय के दूध की कीमत बढ़कर 62 रुपये प्रति लीटर हो गई है. टोन्ड दूध अब 60 रुपये प्रति लीटर और डबल टोन्ड दूध 54 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध होगा.
एसोसिएशन के अनुसार जम्मू और कश्मीर संभाग के विभिन्न इलाकों में स्थानीय परिस्थितियों और सप्लाई व्यवस्था के आधार पर कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है.
ग्रामीण और शहरी इलाकों पर पड़ेगा असर
दूध की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है. कश्मीर घाटी में बढ़ोतरी से पहले दूध की औसत कीमत करीब 54 रुपये प्रति लीटर थी. ग्रामीण इलाकों में दूध आमतौर पर 50 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिकता था, जबकि शहरों और बड़े कस्बों में इसकी कीमत 55 से 60 रुपये प्रति लीटर तक रहती थी. नई दरें लागू होने के बाद लोगों को अब पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे.
बढ़ती लागत बनी वजह
डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन का कहना है कि पशुओं के चारे, दवाइयों, बिजली, परिवहन और अन्य जरूरी खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इसका सीधा असर डेयरी कारोबार पर पड़ रहा है. किसानों और दूध सप्लायरों का मानना है कि लागत बढ़ने के बावजूद लंबे समय से दूध की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया था. ऐसे में कारोबार को बनाए रखने के लिए कीमतों में वृद्धि करना आवश्यक हो गया था.
आम लोगों के बजट पर बढ़ेगा दबाव
दूध की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब लोग पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं. ईंधन, खाद्य पदार्थों, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच अब दूध भी महंगा हो गया है. विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों वाले परिवारों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है, क्योंकि दूध रोजाना इस्तेमाल होने वाली जरूरी खाद्य सामग्री में शामिल है. ऐसे में घरों का मासिक खर्च बढ़ने की संभावना है. जम्मू-कश्मीर में लागू हुई नई दरों के बाद अब उपभोक्ताओं और डेयरी कारोबारियों दोनों की नजर आने वाले समय में बाजार की स्थिति पर बनी हुई है.
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