Stock Market Next Week: भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि इस दौरान कई ऐसे बड़े वैश्विक और घरेलू कारक सामने आने वाले हैं जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, घरेलू आर्थिक आंकड़े और कंपनियों के तिमाही नतीजे—ये सभी मिलकर निवेशकों की धारणा और बाजार की चाल को प्रभावित करेंगे. पिछले कुछ समय से वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है और इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखा जा रहा है. ऐसे में निवेशकों की नजर हर बड़े अपडेट पर बनी हुई है.
फेड की बैठक से तय होगा ब्याज दरों का रुख
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक 28-29 अप्रैल के बीच होने वाली है. यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब दुनियाभर के बाजार पहले से ही दबाव में हैं. फेड की ओर से ब्याज दरों को लेकर लिया गया फैसला बेहद अहम होगा, क्योंकि इससे विदेशी निवेश के रुख पर सीधा असर पड़ता है. अगर ब्याज दरें ऊंची रहती हैं या बढ़ाई जाती हैं, तो विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता है. वहीं, अगर फेड नरम रुख अपनाता है, तो बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिल सकता है.
ईरान-अमेरिका तनाव और कच्चे तेल की चाल
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है. इस तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है. फिलहाल कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जो भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता का विषय है. तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है और इससे कंपनियों की लागत भी बढ़ती है.
इसके अलावा, दोनों देशों के बीच संभावित शांति वार्ता पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है. फिलहाल यह वार्ता टल गई है, लेकिन आगे इसमें कोई भी सकारात्मक या नकारात्मक खबर बाजार को प्रभावित कर सकती है.
नतीजों का सीजन, बाजार में बढ़ेगी हलचल
आने वाला सप्ताह कंपनियों के तिमाही नतीजों के लिहाज से भी बेहद अहम है. वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी होने वाले हैं, जिससे अलग-अलग सेक्टरों की स्थिति साफ होगी. एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, कोल इंडिया, पंजाब एंड सिंध बैंक, एसबीआई कार्ड्स, एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस, इटरनल, मारुति सुजुकी, अदाणी पावर, एसीसी, अदाणी एंटरप्राइजेज और गोदरेज एग्रोवेट जैसी बड़ी कंपनियां अपने नतीजे पेश करेंगी.
इन कंपनियों के प्रदर्शन से निवेशकों को आगे की रणनीति बनाने में मदद मिलेगी और बाजार में सेक्टर आधारित उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
घरेलू आर्थिक आंकड़े भी होंगे अहम
घरेलू स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने वाले हैं. सरकार 28 अप्रैल को इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शन से जुड़े आंकड़े जारी करेगी. ये आंकड़े देश की आर्थिक स्थिति का संकेत देंगे और इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि उद्योग और उत्पादन क्षेत्र किस दिशा में जा रहे हैं. मजबूत आंकड़े बाजार को सहारा दे सकते हैं, जबकि कमजोर आंकड़े दबाव बढ़ा सकते हैं.
पिछला हफ्ता रहा गिरावट भरा
बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स 1,829.33 अंक यानी 2.33 प्रतिशत गिरकर 76,664.21 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 455.60 अंक यानी 1.87% की गिरावट के साथ 23,897.95 पर बंद हुआ. यह गिरावट बताती है कि बाजार में फिलहाल अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.
आईटी सेक्टर बना गिरावट की बड़ी वजह
बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण IT सेक्टर रहा. निफ्टी IT इंडेक्स में 10.31% की भारी गिरावट देखने को मिली, जिसने पूरे बाजार पर दबाव बनाया. इसके अलावा निफ्टी ऑटो में 2.96%, सर्विसेज में 2.54%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2.49%, प्राइवेट बैंक में 1.37%, रियल्टी में 1.13% और मेटल सेक्टर में 1.04% की गिरावट दर्ज की गई.
कुछ सेक्टरों ने दिखाई मजबूती
हालांकि गिरावट के बीच कुछ सेक्टरों ने मजबूती भी दिखाई. निफ्टी एनर्जी 2.63%, एफएमसीजी 2.23%, मीडिया 1.56% और हेल्थकेयर 0.53% की बढ़त के साथ बंद हुए. इन सेक्टरों की मजबूती ने बाजार को पूरी तरह गिरने से बचाने में मदद की.
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