Two Wheeler Sales India: भारत के ऑटो सेक्टर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां वित्त वर्ष 2026 में दोपहिया वाहनों की बिक्री ने नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू थोक बिक्री (व्होलसेल) करीब 2.2 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. इस तेज़ उछाल ने संकेत दिया है कि देश में उपभोक्ता मांग, खासकर ग्रामीण और एंट्री-लेवल सेगमेंट में, मजबूती से लौट रही है.
मार्च में जोरदार उछाल
रेटिंग एजेंसी ICRA की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री में करीब 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं, रिटेल बिक्री में साल-दर-साल आधार पर 28.7% की मजबूत बढ़त देखने को मिली. पूरे वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो घरेलू थोक बिक्री में लगभग 10-11% की वृद्धि हुई, जो सेक्टर में स्थिर रिकवरी का संकेत देती है.
मांग बढ़ाने में इन फैक्टर्स का बड़ा रोल
रिपोर्ट के मुताबिक, बिक्री में इस तेजी के पीछे कई अहम कारण रहे. जीएसटी में सुधार, ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह में सुधार और बेहतर आर्थिक माहौल ने उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता को बढ़ाया. इसके अलावा, रेपो रेट में कटौती और आयकर में राहत जैसे कदमों ने भी मांग को मजबूती दी. ऑटो कंपनियों ने भी एंट्री-लेवल और प्रीमियम दोनों सेगमेंट में नए मॉडल लॉन्च किए, जिससे ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मिले और बिक्री को सपोर्ट मिला.
इलेक्ट्रिक दोपहिया में तेज रफ्तार
इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग भी तेजी से बढ़ती नजर आई. मार्च 2026 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की रिटेल बिक्री 1,92,023 यूनिट तक पहुंच गई, जो सालाना आधार पर 47.4% की बढ़त दर्शाती है. पूरे वित्त वर्ष 2026 में इलेक्ट्रिक दोपहिया बिक्री में 21.9% की वृद्धि हुई. मार्च में इनकी बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 9.4% तक पहुंच गई, जबकि पूरे साल के स्तर पर यह 3.3% रही. यह संकेत देता है कि धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक सेगमेंट बाजार में अपनी जगह मजबूत कर रहा है.
निर्यात में भी मजबूती
दोपहिया वाहनों के निर्यात में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली. मार्च 2026 में निर्यात 17.5 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पूरे वित्त वर्ष में यह वृद्धि 23.3 प्रतिशत रही. इसका मुख्य कारण नए उत्पादों की लॉन्चिंग और भारतीय ब्रांड्स की वैश्विक पहचान में सुधार बताया गया है. हालांकि, कुछ विदेशी बाजारों में चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं.
FY27 के लिए धीमी ग्रोथ का अनुमान
ICRA ने वित्त वर्ष 2027 के लिए थोड़ा सतर्क अनुमान जताया है. रिपोर्ट के अनुसार, अगले साल दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री की वृद्धि दर घटकर 3-5 प्रतिशत रह सकती है. इसका कारण पिछले साल का उच्च आधार और अल नीनो के चलते कमजोर मानसून की संभावना है, जिससे ग्रामीण मांग पर असर पड़ सकता है.
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