चक्रवात बुआलोई ने वियतनाम में मचाई तबाही, 12 लोगों की मौत, मकान, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

हनोई: वियतनाम में चक्रवात बुआलोई ने भारी तबाही मचाई. चक्रवात ‘बुआलोई’ से हुई भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण मध्य वियतनाम में सड़कें जलमग्न हो गईं, छतें उड़ गईं और कम से कम 12 लोगों की जान चली गई. इस तूफान को लेकर सरकारी मीडिया की खबरों में जानकारी दी गई है. चक्रवात कमजोर होकर तूफान के रूप में सोमवार को लाओस की ओर बढ़ गया है. चक्रवात से भारी तबाही हुई, जिसने मकानों, स्कूलों और बिजली के खंभों को क्षतिग्रस्त कर दिया, कई अस्थायी पुल बह गए और कई प्रांतों में सड़कें एवं निचले जलमार्ग पानी में डूब गए. शहरों में बाढ़ के कारण वाहन पानी में डूब गए और ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के समुदाय का शेष स्थानों से संपर्क कट गया.

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया

खबर के मुताबिक, थान्ह होआ प्रांत में एक स्थानीय अधिकारी जब चक्रवात से बचाव की तैयारी के कामों को पूरा करने के बाद रात में लौट रहा था तो उसके ऊपर पेड़ गिरने से उसकी मौत हो गई. ह्यू शहर में एक व्यक्ति बाढ़ के पानी में बह गया. एक अन्य मौत दानांग में हुई. वियतनाम के मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि सोमवार की सुबह 10 बजे चक्रवात का केंद्र न्घे आन प्रांत एवं लाओस की सीमा के बीच था, जहां हवा की गति 74 किलोमीटर प्रति घंटा थी.

वियतनामी अधिकारियों ने मछली पकड़ने वाली नौकाओं को समुद्र में उतरने से रोक दिया गया है और चार तटीय हवाई अड्डों पर परिचालन निलंबित कर दिया है. 9 मौतों में से 6 नन्ह बिन्ह प्रांत में हुई हैं, जहां तेज हवाओं की वजह से मकान ढह गए. क्वांग त्रि प्रांत में तट पर खड़ी मछली पकड़ने वाली नाव के लंगर की रस्सियां तेज हवाओं के कारण टूट गईं, जिससे नौका और उस पर सवार 9 चालक दल के सदस्य बह गए. इनमें से 4 तैरकर किनारे तक पहुंचने में कामयाब रहे. गिया लाइ प्रांत में परिवारों ने मछली पकड़ने गए 8 मछुआरों से संपर्क टूटने की सूचना दी है.

सरकारी मीडिया ने बताया

तूफान को लेकर सरकारी मीडिया ने बताया कि रविवार आधी रात के बाद चक्रवात के तट से टकराने से पहले 3,47,000 से अधिक घरों की बिजली गुल हो गई थी. तेज हवाओं से राजमार्गों के किनारे घरों की लोहे की चादर वाली छतें उड़ गई और कंक्रीट के खंभे गिर गए. चक्रवात के उम्मीद से तेज गति से आगे बढ़ने की वजह से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था. चक्रवात ने देर रात लगभग 12:30 बजे उत्तरी तटीय प्रांत हा तिन्ह के तट पर दस्तक दी थी. इसके कारण 133 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और समुद्र में एक मीटर से अधिक ऊंची तूफानी लहरें उठीं और भारी वर्षा हुई.

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