Iran-US War: अमेरिका-इजरायल की तरफ से जारी हमले के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद कर दिया है. ईरान सिर्फ उन्हीं देशों के जहाजों को निकलने की अनुमति दे रहा है, जिन्हें वो “मित्र राष्ट्र” मानता है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने अमेरिका को तेल से लदे 20 बड़े जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से भेजे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा, “मैं इसे सटीक रूप से परिभाषित नहीं कर सकता, लेकिन मुझे लगता है कि सम्मान के एक संकेत के रूप में ईरान हमें तेल से लदे 20 बड़े जहाज भेजे हैं. ये जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजर रहे हैं. यह प्रक्रिया कल सुबह से शुरू होकर अगले कुछ दिनों तक चलेगी.”
ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा…
ट्रंप ने अपने निजी विमान ‘एयर फोर्स वन’ पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ईरान अब समझौते के लिए तैयार दिख रहा है. ट्रंप ने कहा, “ईरान ने सम्मान के प्रतीक के रूप में हमें तेल के 20 बड़े जहाज दिए हैं, जो कल सुबह से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना शुरू करेंगे. पहले वे 10 जहाज भेजने पर राजी हुए थे, लेकिन अब उन्होंने इसे बढ़ाकर 20 कर दिया है.”
#WATCH | US President Donald J Trump says, "… I can't define it exactly, but they (Iran) gave us, I think as a sign of respect, 20 boats of oil, big, big boats of oil going through the Hormuz Strait. That's taking place starting tomorrow morning, over the next couple of… pic.twitter.com/ZAD0T9Ao4U
— ANI (@ANI) March 30, 2026
“हम उनसे बात भी कर रहे हैं और…”
अमेरिका इस समय ईरान के साथ सीधे तौर पर और दूतों के माध्यम से दोनों तरह से बातचीत कर रहा है. ट्रंप ने कहा कि बातचीत के साथ-साथ सैन्य कार्रवाई भी जारी है. उन्होंने कहा, “आज हमने उनके कई लक्ष्यों को तबाह कर दिया है. उनकी नेवी और एयरफोर्स लगभग खत्म हो चुकी है. हम उनसे बात भी कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर कड़ा प्रहार भी कर रहे हैं.”
ट्रंप ने परमाणु समझौते पर फिर बोला हमला
ट्रंप ने एक बार फिर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय हुए 2015 के परमाणु समझौते की कड़ी आलोचना की. उन्होंने इसे “देश के इतिहास का सबसे खराब और मूर्खतापूर्ण सौदा” बताया. ट्रंप का कहना है कि अगर उन्होंने उस पुराने समझौते को खत्म नहीं किया होता, तो आज ईरान के पास परमाणु हथियार होते. वे अब एक नया और सख्त समझौता चाहते हैं, जो ईरान की परमाणु और सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह नियंत्रित करे.