‘तलाकशुदा बेटी, मरी हुई बेटी से ज्यादा अच्छी होती है…’, ट्विशा शर्मा मौत मामले में SG मेहता ने समाज को दी सीख

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा मौत मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. इस केस को लेकर आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं. ट्विशा के परिवार से लेकर पूरा देश न्याय की मांग कर रहा है. आज सुप्रीम कोर्ट में इस केस की सुनवाई हो रही है. सुप्रीम कोर्ट ने खुद इस केस का संज्ञान लिया है, CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी एम पंचोली की बेंच ने ट्विशा शर्मा मौत मामले पर सुनवाई की है.

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने की अहम टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता समाज के लिए एक खास सीख दी है. उन्होंने कहा कि ‘तलाकशुदा बेटी, मरी हुई बेटी से ज्यादा अच्छी होती है.’ इसके साथ ही उन्होंने ट्विशा के परिवार को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि समय रहते ही उन्हें अपनी बेटी की शिकायतों पर ध्यान देना चाहिए था.

आरोपी परिवार का पक्ष सिद्धार्थ दवे ने रखा Twisha Sharma Death Case

CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी एम पंचोली की बेंच के सामने एमपी सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए. वहीं, आरोपी परिवार की तरफ का पक्ष सीनियर वकील सिद्धार्थ दवे ने रखा और पीड़ित परिवार की तरफ से सीनियर वकील सिद्धार्थ लूथरा पेश हुए.

गिरिबाला सिंह बहू को बदनाम करने वाले बयान दे रही

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह की ओर से सभी चैनल्स पर इंटरव्यू देने, अपनी बहू के केरेक्टर पर सवाल उठाने और जांच में सहयोग न करने की दलीलें दीं. वहीं, सीनियर वकील सिद्धार्थ दवे ने मीडिया रिपोर्ट्स को लेकर आपत्ति जताई कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज पूरा बयान न्यूज पेपर में छपा है. इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा, ‘और खुद ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह अलग-अलग चैनलों पर जाकर इंटरव्यू दे रही हैं और अपनी बहू को बदनाम करने वाले बयान दे रही हैं.’

CJI ने मीडिया से की ये अपील

दलीलें सुनने के बाद सीजेआई ने कहा कि हम कोई भी नैरेटिव गढ़ने के खिलाफ हैं. इसलिए CBI को जांच सौंपी गई है. हमें पुलिस और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. इसके अलावा सीजेआई सूर्यकांत ने मीडिया से अपील की कि पीड़ित परिवार या दूसरे परिवार के बयान न लें. उन्होंन कहा कि मामले को कानून और प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने दें.

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