Swasth Bharat Portal: देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 10वें राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के दौरान ‘स्वस्थ भारत पोर्टल’ का शुभारंभ किया. यह पहल भारत के हेल्थ सेक्टर को डिजिटल रूप से एकीकृत करने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है. “भारत के स्वास्थ्य भविष्य को आकार देने वाली सर्वोत्तम प्रथाएं” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में इस पोर्टल को एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया गया, जो देशभर की स्वास्थ्य सेवाओं को एक साथ जोड़कर उन्हें अधिक कुशल और पारदर्शी बनाएगा.
एक प्लेटफॉर्म, कई समाधान
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित ‘स्वस्थ भारत पोर्टल’ का उद्देश्य विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना है. अब तक अलग-अलग ऐप और सिस्टम के जरिए डेटा एंट्री और रिपोर्टिंग की जाती थी, जिससे डेटा बिखराव और दोहराव की समस्या पैदा होती थी. यह पोर्टल इन सभी समस्याओं का समाधान करते हुए एक ‘वन-स्टॉप’ प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा, जहां स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी सभी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध होगी.
आधुनिक तकनीक से लैस सिस्टम
यह पोर्टल एपीआई-आधारित फेडरेटेड आर्किटेक्चर पर तैयार किया गया है, जो अलग-अलग हेल्थ सिस्टम्स को आपस में जोड़ता है. इससे इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ेगी और डेटा का बेहतर उपयोग संभव होगा. अब स्वास्थ्य कर्मियों को अलग-अलग पोर्टल पर बार-बार लॉगिन करने या डेटा एंट्री दोहराने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनका समय बचेगा और काम की गति तेज होगी.
फ्रंटलाइन वर्कर्स को मिलेगा सीधा फायदा
‘स्वस्थ भारत पोर्टल’ से देश के अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ता—जैसे आशा, एएनएम, सीएचओ और मेडिकल ऑफिसर्स—को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा. उन्हें एक ही प्लेटफॉर्म पर डेटा एंट्री, मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग की सुविधा मिलेगी. साथ ही, इसमें शामिल डेटा विजुअलाइजेशन टूल्स की मदद से स्थानीय स्तर पर बेहतर योजना बनाना और त्वरित निर्णय लेना आसान होगा.
आयुष्मान भारत मिशन से जुड़ा
यह पोर्टल आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अनुरूप तैयार किया गया है और इसमें आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA) के साथ इंटीग्रेशन की सुविधा भी दी गई है. इससे मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित और आसान तरीके से साझा किया जा सकेगा. भविष्य में इसे हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री से भी जोड़ा जाएगा, जिससे पूरे हेल्थ इकोसिस्टम को एक साथ लाया जा सके.
लागत में कमी, कार्यक्षमता में बढ़ोतरी
सरकार का दावा है कि इस पोर्टल के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर लागत में 20-30% तक और डेटा एंट्री व मानव संसाधन से जुड़ी दोहराव वाली प्रक्रियाओं में 20-40% तक कमी आ सकती है. इससे न सिर्फ खर्च कम होगा, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया भी तेज और सटीक बनेगी.
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव
‘स्वस्थ भारत पोर्टल’ को भारत की हेल्थकेयर सिस्टम में एक परिवर्तनकारी पहल के तौर पर देखा जा रहा है. यह न केवल डिजिटल हेल्थ सेवाओं को मजबूत करेगा, बल्कि एक पारदर्शी, एकीकृत और डेटा-आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था की नींव भी रखेगा.
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